कानपुर देहात में मंगलपुर थाने में हुए पथराव के मामले में 35 लोगों के खिलाफ बलवा, डकैती, छेड़छाड़, हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। सिपाही समेत नौ लोगों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
कानपुर देहात में झींझक के मंगलपुर थाने में हुए पथराव व बवाल के मामले में पुलिस ने गंभीर धाराओं में दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक एफआईआर पीड़ित पक्ष और दूसरी थाने के दरोगा की तरफ से कराई गई। पुलिस ने सेवन क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट भी लगाया है। मामले में पुलिस ने कंजरडेरा के 18 लोगों को पकड़ा है। इनमें इटावा में तैनात सिपाही समेत नौ लोगों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया। बाकी से पूछताछ करने के साथ पुलिस अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
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मंगलपुर के एक गांव निवासी अधिवक्ता ने परिवार की महिला से अश्लील हरकत और बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए कंजड़डेरा में रहने वाले सौरभ, कौदन व प्रेम के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। देर शाम दरोगा डोरीलाल सिपाही के साथ घटना की जांच करने कंजड़डेरा गए थे। जांच के दौरान छुट्टी पर आए इटावा के चकरनगर थाने में तैनात कंजड़डेरा निवासी सिपाही संतोष गिहार ने 30 से 35 साथियों के साथ पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की।
दरोगा डोरीलाल की सूचना पर पहुंची थाने की फोर्स सिपाही संतोष को पकड़ कर साथ में ले आई थी। इस पर कंजड़डेरा के लोगों ने थाने में पथराव कर दिया था। पथराव में दरोगा डोरीलाल, महिला दरोगा नेहा, हेड कांस्टेबल राजेश समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इससे थाने में अफरातफरी मच गई थी। फरियाद लेकर आए लोगों और पुलिसकर्मियों ने इधर-उधर भागकर खुद की जान बचाई थी। घटना के बाद सीओ डेरापुर रविकांत गौड़ ने डेरापुर व सिकंदरा थाना पुलिस के साथ कंजड़डेरा में दबिश देकर 18 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिवक्ता की तहरीर पर इटावा में तैनात सिपाही संतोष, कौदन, प्रेम व 30-35 अन्य के खिलाफ बलवा, डकैती, छेड़छाड़, हत्या का प्रयास समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
वहीं, दरोगा डोरीलाल की तहरीर पर सिपाही संतोष गिहार समेत 50-55 अन्य पर पुलिस पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, बलवा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया। शनिवार को घटना का जायजा लेने के बाद एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि सिपाही संतोष गिहार, विकास, सूरज, अजय, बीनू, गोलू, आंनद, विक्रम व मुनीष को गिरफ्तार कर दोपहर बाद अदालत में पेश किया गया। वहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। हिरासत में लिए बाकी नौ लोगों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही फरार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
गांव में फोर्स तैनात, सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट भेजी
शुक्रवार की रात हुए बवाल के बाद से गांव में तनाव है। इसके मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है। इधर, बवाल में जेल भेजे गए सिपाही संतोष गिहार पर विभागीय कार्रवाई के लिए एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने एसएसपी इटावा को रिपोर्ट भेजी है।