कानपुर देहात। लूट के शक में उठाए गए व्यापारी बलवंत सिंह को पुलिस ने इस कदर पीटा था कि उसके शरीर पर कोई ऐसा अंग नहीं बचा, जहां चोटें नहीं थीं। रस्सी से हाथ बांधकर पीटने से कलाइयों में घाव हो गए थे।
कई जगह खाल भी उधड़ गई थी। पोस्टमार्टम में बलवंत के सिर से पैर तक 22 से ज्यादा चोटों के निशान पाए गए हैं। इसी तरह कमर के निचले हिस्से और पीठ में डंडे से इतना पीटा जो उसकी मौत की वजह बनीं।
रनियां थाने में सोमवार की रात पुलिस की पिटाई से बलवंत सिंह (27) की मौत हुई थी। पहले एसपी सुनीति ने हार्ट अटैक से बलवंत की मौत होने की बात कही थी, लेकिन परिजनों ने बलवंत के शरीर पर चोटों के निशान देख पिटाई से मौत होने का शक जताया था।
साथ ही परिजनों ने स्थानीय अफसरों व डॉक्टरों पर अविश्वास जताते हुए कानपुर देहात में बलवंत का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया था। उन्होंने कानपुर नगर में पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। बवाल बढ़ता देख अफसरों ने परिजनों की मांग मान ली थी।
मंगलवार रात कानपुर नगर में बलवंत के शव का पोस्टमार्टम कराया गया, तो परिजनों के आरोप सच साबित हुए। वीडियोग्राफी के साथ तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। शव की हालत देखकर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी कांप उठे।
शरीर पर इतने चोट के निशान थे कि गिनना मुश्किल हो गया। शरीर पर 22 से अधिक गंभीर चोटों को ही गिना गया। पिटाई से पूरा शरीर नीला पड़ गया था। दोनों हाथ की कलाइयों पर रस्सी बांधने के निशान, पुलिस ने पैर के तलवों से लेकर घुटनों तक, कमर के नीचे और पीठ पर इतनी लाठियां मारी की खाल उधड़ गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस बलवंत की दोनों कलाइयों में रस्सी से बांधकर पूछताछ कर रही थी। उसकी दोनों कलाइयों में रस्सी से बांधने से गंभीर घाव के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखने से प्रतीत हो रहा कि पुलिस की पिटाई से व्यापारी ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा है।
घटना की निष्पक्ष जांच होगी। एसआईटी व मजिस्ट्रेटी जांच के लिए आदेश दिए गए हैं। पंद्रह दिन में यह जांच पूरी हो जाएगी। परिजनों को नियमानुसार आर्थिक मदद दी गई है। भूमि आवंटन की कार्यवाही की जाएगी। मृतक की पत्नी को नौकरी के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। -नेहा जैन, डीएम कानपुर देहात।