जिला अस्पताल की चर्म रोग ओपीडी से नदारद डॉक्टर। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह समेत डीएम व सीडीओ के निरीक्षण के बावजूद जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही है। गुरुवार को ओपीडी में सर्जन, चर्म रोग, मनोचिकित्सक व कान, नाक-गला रोग विशेषज्ञ के नहीं बैठने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
जिला चिकित्सालय अकबरपुर में डॉक्टरों के समय से ओपीडी में न बैठने की शिकायतें काफी समय से बनी हुई हैं। डॉक्टरों की मनमानी रोकने के लिए कई मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने ताबड़तोड़ निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने की कोशिश जरूर की, लेकिन यह बेअसर नजर आ रही है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में सर्जन, चर्म रोग, नाक-कान-गला रोग व मनोचिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठे। दूरदराज से आने वाले मरीज घंटों डॉक्टर का इंतजार करते रहे। वहीं, सबसे हैरानी की बात यह रही कि सर्जन डॉ. जसवीर सिंह व चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार जटारिया ने गुरुवार को अवकाश पर रहने की पूर्व सूचना भी दी थी।
जबकि नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके चौबे परौंख में लगने वाले दिव्यांग मेडिकल बोर्ड में गए थे। मनोचिकित्सक डॉ. धर्मवीर बिना सूचना के अनुपस्थित रहे। तीन डॉक्टरों के न रहने की पूर्व सूचना देने के बावजूद उनके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। इससे दूरदराज से आने वाले मरीज घंटों इंतजार के बाद व्यवस्थाओं को कोसते हुए बैरंग लौटने को मजबूर रहे।
दो चिकित्सकों ने अवकाश पर रहने की पूर्व सूचना दी थी। एक चिकित्सक मेडिकल बोर्ड में गए थे। एक डॉक्टर क्यों नहीं आए, इस बाबत जवाब तलब किया जाएगा। कई डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं। इस कारण वैकल्पिक व्यवस्था में दिक्कत आ रही है। - डॉ. आरपी गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल