कानपुर देहात। पराली जलाने पर रोक है। सेटेलाइट से निगरानी हो रही है। किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसके बाद भी सरवनखेड़ा ब्लॉक में रविवार को पराली जलाने की दो घटनाएं हुईं, जबकि रसूलाबाद में एक किसान ने पराली जला दी।
इस बीच नहौली गांव में सत्यापन करने जाते समय कुरवा खर्द में पराली जलती देख उप निदेशक कृषि व जिला कृषि अधिकारी खुद आग बुझाने में जुट गए। हालात बेकाबू होते देख दमकल को सूचना दी गई। इस पर माती से पहुंचे दमकल जवानों ने आग बुझाई। पराली जलाने के तीनों मामलों में किसानों पर ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
सरवनखेड़ा के गुजराई गांव में दयाशंकर ने हार्वेस्टर से धान की कटाई कराने के बाद पराली में आग लगा दी। सूचना पर उप कृषि निदेशक विनोद यादव, जिला कृषि अधिकारी उमेश गुप्ता, कानूनगो हरिशंकर शुक्ला मौके पर पहुंचे। किसान को पराली जलाने पर लगी रोक के बारे में बताया गया।
इसके साथ ही ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। यहां बीस किसानों को पराली नहीं जलाने के संबंध में जानकारी दी गई। पराली को खाद बनाने के लिए डिकंपोजर वितरित किया गया। इसी दौरान सरवनखेड़ा ब्लॉक के नहोली गांव में पराली जलाने की सूचना मिली।
इस पर सभी अफसर सत्यापन के लिए निकल पड़े। रास्ते में कुरवा खुर्द गांव में खेत में पराली जलती देख कर उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी व अन्य अफसर आग बुझाने में जुट गए। इससे बगल में बबलू शुक्ला की धान की फसल बच गई।
हवा के साथ पराली की आग दूसरी तरफ बढ़ने लगी तो दमकल को सूचना दी गई। माती से फायर टैंकर लेकर पहुंचे जवानों ने करीब एक घंटे की मशक्कत कर आग काबू की। पराली जलाने पर किसान अशोक पर ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
उधर, नहौली में पराली जलाने पर किसान नंदलाल यादव पर भी ढाई हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। उप निदेशक कृषि ने बताया कि लगातार किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।