कानपुर देहात के राजपुर थाने आयी जैनपुर की किशोरी को पूछताछ के दौरान धमकाने वाले राजपुर इंस्पेक्टर को बुधवार को एसपी ने निलंबित कर दिया। सीओ की प्रारंभिक जांच में धमकाने की बात सही पाई गई है। जैनपुर निवासी महेश उर्फ बर्रा की बेटी मानसी उर्फ प्रांजलि (16) ने रिश्तेदार फौजी की पत्नी का फोटो व मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था।
इसकी शिकायत महिला ने राजपुर थाने में की थी। इस पर पुलिस ने मानसी उर्फ प्रांजलि को थाने में बुलाकर पूछताछ की थी। थाने से लौटने के बाद डरी किशोरी ने घर आकर जहर खा लिया था। जानकारी पर पुलिस ने किशोरी को राजपुर पीएचसी भेजा।
वहां से जिला अस्पताल और फिर गंभीर हालत में हैलट रेफर किया गया था। वहां आईसीयू में किशोरी का उपचार चल रहा है। किशोरी की मां नीलम ने इंस्पेक्टर पर बेटी को धमकाने का आरोप लगाया तो नया मोड़ आ गया था। इसे गंभीरता से लेकर प्रकरण में डीएम ने जांच के लिए एसडीएम सिकंदरा व तहसीलदार की टीम गठित की थी।
वहीं एसपी ने इंस्पेक्टर की भूमिका की जांच सीओ भोगनीपुर प्रभात कुमार को सौंपी। जांच टीमों ने राजपुर इंस्पेक्टर, पुलिस कर्मियों व ग्रामीणों के बयान लिए थे। महिला डेस्क की सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाई गई। इसमें प्रभारी निरीक्षक कुछ दूरी पर बैठे दिख रहे हैं। प्रारंभिक जांच में किशोरी को धमकाने का आरोप सही पाया गया। इसको लेकर एसपी केशव कुमार चौधरी ने राजपुर इंस्पेक्टर विनोद कुमार को निलंबित कर दिया।
किशोरी को धमकाने का आरोप जांच में सही पाया गया है। इसी आधार पर राजपुर के इंस्पेक्टर विनोद कुमार को निलंबित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - केशव कुमार चौधरी, एसपी कानपुर देहात
हाथों पर चोट दिखाई और फफक पड़ी किशोरी
इंस्पेक्टर की दरिंदगी का शिकार हुई कानपुर देहात की किशोरी का हाल जानने के लिए बुधवार को महिला आयोग की टीम हैलट अस्पताल पहुंची। आयोग की टीम ने अपना परिचय दिया तो किशोरी ने उन्हें हाथ उठाकर दरिंदगी के निशान दिखाए और फफक कर रो पड़ी।
आयोग की सदस्य पूनम कपूर ने बताया कि किशोरी काफी सदमे में है। पूछने पर कुछ भी बताने से पहले उसकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह अपने दोनों हाथों को आयोग की सदस्य को दिखाते हुए रो पड़ी। उसके हाथ पर चोट के निशान देखकर ऐसा लगता है कि जैसे उसे नोचा और मरोड़ा गया हो।
आयोग की टीम ने घटना की पूरी जानकारी लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है। इस मामले में इंस्पेक्टर को निलंबित किया जा चुका है। आयोग सदस्य ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच कर रही एसडीएम रसूलाबाद अंजू वर्मा और पुलिस अपराध शाखा की अधिकारी तनु उपाध्याय को इस मामले में पूरी तहकीकात कर आयोग को रिपोर्ट देने को कहा है।
इस दौरान हैलट प्रबंधन को भी पीड़ित किशोरी की देखभाल के लिए निर्देश दिया गया। कानपुर देहात के एडिशनल एसपी घनश्याम चौरसिया से पूरे मामले की जांच करने को कहा गया है। बुधवार को सर्किट हाउस में महिलाओं की जनसुनवाई के बाद आयोग की टीम ने सबसे पहले डफरिन अस्पताल का निरीक्षण किया। वहां पर सफाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। वैक्सीनेशन की व्यवस्था का भी जायजा लिया।