कानपुर देहात। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमों ने शनिवार को 26 दुकानों पर छापा मारा। यहां से खाद के 14 नमूने भरे गए। वहीं, चार दुकानें के बंद मिलने व दो दुकानों पर अभिलेख दुरुस्त नहीं होने पर दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रबी फसलों की बोआई को लेकर खाद की मांग हो रही है। ऐसे में निजी दुकानदारों के स्तर पर खाद बिक्री में गड़बड़ी की आशंका बनी है। अपर मुख्य सचिव कृषि के निर्देश पर शनिवार को डीएम ने संयुक्त टीमें गठित कर खाद की दुकानों पर जांच के निर्देश दिए।
इसी क्रम में तीन संयुक्त टीमों ने तहसीलवार खाद की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जिला कृषि अधिकारी उमेश गुप्ता व मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य ने तहसील भोगनीपुर/सिकंदरा में निरीक्षण किया।
मांचा में धर्मेंद्र कुमार की खाद व बीज की दुकान, खलासपुर में अग्निहोत्री खाद भंडार, शाहजहांपुर में दीक्षित खाद भंडार व सिंह ट्रेडर्स, पुखरायां में कुशवाहा खाद भंडार, लालपुर पातेपुर में अमन ट्रेडर्स के यहां छापामार कर खाद के 10 नमूने लिए गए।
राजपुर में न्यू कटियार खाद भंडार व मां गायत्री खाद भंडार, शाहजहांपुर में कटियार खाद भंडार, राजपुर में सिंह खाद भंडार बंद मिले। इस पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मांचा में धर्मेंद्र कुमार की दुकान व पुखरायां में शिवम खाद भंडार के अभिलेख दुरुस्त नहीं मिले। इन दोनों दुकानदारों को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया।
उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तहसील अकबरपुर/ मैथा में खाद की तीन दुकानें देखीं। यहां से दो नमूने जांच के लिए भरे। जिला कृषि रक्षा अधिकारी व सहायक आयुक्त निबंधक सहकारिता ने तहसील डेरापुर/रसूलाबाद में छह दुकानों का निरीक्षण कर खाद के दो नमूने भरे।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सभी निजी एवं सहकारिता के खाद विक्रेताओं को निर्धारित मूल्य पर पीओएस मशीन से उर्वरक बिक्री के निर्देश दिए गए हैं। स्टाक, वितरण रजिस्टर व रेट बोर्ड अपडेट रखना जरूरी है। नियम उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।