रसूलाबाद। सड़क हादसे में जान गंवाने वाले देवर, भाभी व भतीजे के शवों का शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। उसरी गांव में एक परिवार से तीन लोगों की अर्थियां एक साथ उठीं तो परिजनों के साथ मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। दुख के चलते गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
भाई दूज पर उसरी गांव निवासी योगेंद्र, भाभी प्रीति व उनके बेटे व पारिवारिक भतीजे अमन के साथ बाइक से गुरुवार को कुढ़वा मैथा गांव जा रहा था। रसूलाबाद-कानपुर रोड पर पहाड़ीपुर गांव के पास रोडवेज बस की टक्कर से योगेंद्र की मौके पर मौत हो गई थी।
वहीं, प्रीति व अमन ने हैलट में दम तोड़ दिया था। इससे परिजनों के साथ ही गांव वाले भी दुखी थे। शनिवार को तीनों लोगों के शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जाने लगे तो परिजन उनसे लिपट कर बिलख पड़े। इस दौरान मौके पर जुड़े लोगों की आंखें भी छलक आईं।
अंतिम संस्कार में आसपास के गांव से भी लोग पहुंचे। गांव पहुंचकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य उदय प्रताप सिंह, हरगोविंद सिंह, शिवजी द्विवेदी, निराला, अनिल आजाद, नेता पाठक, घनश्याम शुक्ला, प्रधान साधना देवी ने दुख जताया।
दंगल व मेला हुआ निरस्त
दिवाली पर होने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम का समापन ऐसा होगा यह किसी ने नहीं सोचा था। उसरी गांव के लोगों ने बताया कि वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप भैया दूज पर मिट्टी के बर्तनों का मेला लगता है। साथ ही यहां पर दो दिवसीय दंगल व रामलीला का आयोजन होता चला रहा है।
यहां मिट्टी के बर्तन खरीदने लोग दूर-दूर से आते थे। इस बार हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ने सभी को दुखी कर दिया। इससे दंगल व मेला निरस्त कर दिया गया।