कानपुर देहात। गेहूं व धान की सरकारी खरीद में क्रय केंद्रों पर अनाज बेचकर जिले के 1027 कार्डधारक फंस गए। अब इन कार्डों पर राशन वितरण रोक दिया गया है। अक्तूबर में इन परिवारों को राशन नहीं मिलेगा। फिलहाल उनकी पात्रता का सत्यापन कराया जा रहा है। पात्रता पूरी करने वाले परिवारों को ही फिर से राशन वितरण बहाल हो सकेगा।
सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख से अधिक का गेहूं व धान बेचने वाले जिले के 1027 राशन कार्ड चिह्नित किए गए। गेहूं व धान की बिक्री में आधार नंबर से बैंक खाते जुड़े होने की वजह से राशन लेने वाले यह परिवार पकड़ में आ गए। इन परिवारों को पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय योजना के तहत राशन का वितरण किया जा रहा था।
तीन लाख से अधिक मूल्य का राशन बेचने पर इन कार्डधारकों की आय को लेकर संशय हो गया। दरअसल शहरी क्षेत्र में गरीबी रेखा की सीमा तीन लाख व ग्रामीण क्षेत्र में दो लाख तय है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज बेचने वाले कार्डधारकों को चिह्नित का ब्योरा सितंबर में मिला। तब तक इन कार्डधारकों को राशन का वितरण हो चुका था। अब अक्तूबर में इन कार्डधारकों को राशन नहीं बांटा जाएगा।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं व धान बेचने वाले जिले के 1027 राशन कार्ड धारक परिवार चिह्नित किए गए हैं। अक्तूबर में इन कार्डधारकों को कोटेदार के यहां से राशन नहीं मिलेगा। इन कार्डधारकों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुनील कुमार, डीएसओ
अपात्र पाए जाने पर हो सकती रिकवरी
सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख से अधिक का गेहूं व चावल बेचने वाले कार्डधारकों की ओर से अपात्र होते हुए भी राशन उठाने पर अब रिकवरी की कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल कार्डधारकों के आवेदन में इस तरह का ब्योरा पहले से अंकित है।
इसमें साफ कहा गया है कि यदि राशन उठान के लिए अपात्र पाया जाता है तो लिए गए राशन की रिकवरी की जा सकती है। जानकारों के अनुसार अब तक शिकायत या फिर सत्यापन में राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई तो हुई है, लेकिन अपात्र पाए गए परिवार से उठाए गए राशन की रिकवरी नहीं की गई।