एक कर्मचारी ने बताया कि एक बार इफ्तिखारुद्दीन ने कुछ किताबें एक अन्य कर्मचारी को बांटने के लिए दीं। बातचीत में उसने गंगा मां बोल दिया। इस पर उन्होंने उससे सभी किताबें छीन ली थीं।
वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन के वायरल वीडियो मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को मंडलायुक्त आवास पर तैनात चार और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। सभी ने यही कहा कि यहां तैनाती के दौरान इफ्तिखारुद्दीन का आवास तकरीर स्थल बन गया था।
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बयानों को एसआईटी ने जांच में शामिल कर लिया है। इसी तरह की तमाम अन्य बातें सामने आईं। रविवार को भी एसआईटी के अफसर तफ्तीश करेंगे। एसआईटी ने जिन चार कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं, उनमें से एक ने बताया कि इफ्तिखारुद्दीन इस्लाम संबंधी साहित्य की किताबें बांटने की जिम्मेदारी उनको देते थे।
दफ्तर का कोई काम हो या न हो, किताबें बांटने की जिम्मेदारी जरूर निभानी पड़ती थी। एक कर्मचारी ने बताया कि एक बार इफ्तिखारुद्दीन ने कुछ किताबें एक अन्य कर्मचारी को बांटने के लिए दीं। बातचीत में उसने गंगा मां बोल दिया। इस पर उन्होंने उससे सभी किताबें छीन ली थीं।
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उसके बाद जमकर फटकार लगाई और भगा दिया था। एसआईटी को जो वीडियो मिले हैं, उनको टीम देख रही है। उसमें से उस कंटेंट को अलग कर रही है, जिसको लेकर शक है कि वह आपराधिक कृत्य है। एक-एक कर सभी वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। दूसरी तरफ एक-एक कर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें इस्लाम को सर्वेसर्वा बताया जा रहा है।