सत्यापन में लापरवाही भी उजागर हुई
विनोद कुमार सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया है कि रुपयों के लालच में कई लोग एक साथ कई-कई अपराधियों की जमानत ले रहे हैं। कुछ मामलों में फर्जी नाम-पते और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भी जमानत कराई गई। इस पूरे मामले में चौकी और थाना स्तर पर सत्यापन में लापरवाही भी उजागर हुई है, जिसका फायदा अपराधियों को मिल रहा था। इसी को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।