कानपुर के हैलट अस्पताल के वार्ड टॉयलेट में महिला के प्रसव और नवजात की मौत के मामले में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। शनिवार को इस संबंध में जीएसवीएम मेडिकल कालेज और हैलट के अधिकारियों की बैठक हुई।
इसमें प्राचार्य डॉ. संजय काला ने निर्देश दिए कि एक-एक बिंदु की जांच की जाए। जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिवराजपुर क्षेत्र के कंठीपुर की रहने वाली हसीन जहां बुखार की शिकायत पर हैलट में भर्ती हुई थीं। वे आठ माह की गर्भवती थीं।
गुरुवार को टॉयलेट गईं, वहीं प्रसव हो गया और नवजात का सिर पॉट के साइफन में फंस गया। इससे नवजात की मौत हो गई। मामले में शनिवार को उप प्राचार्य और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई।
इसमें हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. किरन पांडेय, सीएमएस डॉ. रीता गुप्ता शामिल हैं। हसीन जहां का इलाज आईसीयू में चल रहा है। डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि उसकी हालत में अब सुधार है।