मूलरूप से बदायूं निवासी संजय ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके परिवार में पत्नी संगीता, दो बेटे ऋषभ और ऋतिक हैं। उसके ससुर स्व. सरवन वाल्मीकि सेना से सेवानिवृत थे। बताया कि पत्नी, बेटे, सास गीता देवी व ससुराल के अन्य लोग कई साल पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं। संजय के मुताबिक अब ससुराल वाले उस पर भी ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बना रहे हैं। आरोप है कि उनकी बात न मानने पर उसे जेल भी भिजवा दिया था। जमानत पर बाहर आया तो फिर से दबाव बनाने लगे। 50 हजार रुपये और इलाज कराने का लालच दिया गया।
नवाबगंज पुलिस ने संजय वाल्मीकि की तहरीर पर बस में सवार कल्याणपुर, आवास-विकास निवासी साइमन विलियम और नवाबगंज विष्णुपुरी निवासी दीपक मोरिस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। इसी दौरान थाने में आरोपियों के पक्ष से लोगों का हुजूम हंगामा करने लगा। पकड़े गए दीपक और नोयल को छोड़ने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों को सीआरपीसी की धारा 141 का नोटिस देने के बाद छोड़ दिया गया। कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे लोगों व बसों को भी थाने से जाने दिया गया।
गरीब और दलित बस्तियों के लोगों का करा रहे धर्मांतरण
संजय ने पुलिस को बताया कि ये लोग दूसरे जिलों से आकर गरीब और दलित बस्तियों में रहने वाले लोगों कभी शादी का लालच, किसी को बीमारी दूर करने का, किसी को नौकरी का, तो किसी को विदेश यात्रा का लालच देते हैं। गिरोह गरीब और दलित बस्तियों के लोगों को रुपये देकर धर्मांतरण करा रहा है।
अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर करते हैं ब्रेनवॉश
पुलिस को पूछताछ में पता चला कि शनिवार देर रात उन्नाव के मिड-वे चर्च में ईस्टर संडे का कार्यक्रम था। इसमें धार्मिक ग्रंथ बाइबिल को पढ़ा जाता है। कार्यक्रम समाप्त होने पर लोगों को उनके घर भेज दिया जाता है। बताया गया जो लोग ईसाई धर्म अपनाने के लिए तैयार हो जाते हैं, उन्हें चर्च ले जाने के बाद कार्यक्रम में शामिल किया जाता है। यहां वे लोग भी मिलते हैैं, जो नए लोगों को अपनी बेहतरी की कहानी सुनाकर उनका ब्रेनवॉश करते हैैं।
संजय वाल्मीकि की तहरीर पर धर्मांतरण कराने के आरोप में साइमन विलियम और दीपक मोरिस के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की धारा-3 और धारा-5 (1) के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद सीआरपीसी की धारा 141 नोटिस देकर थाने से छोड़ा गया है। - महेश कुमार, एसीपी कर्नलगंज