कानपुर विकास प्राधिकरण का प्लाट खरीदने के बाद यदि पांच साल तक मकान नहीं बनवाया तो आवंटन निरस्त हो सकता है। विकास प्राधिकरण ने ऐसे सभी आवंटियों को नोटिस जारी किए हैं। आवंटियों से कहा गया है कि वे एक महीने में अनिर्माण शुल्क जमा करते हुए नक्शा पास कराकर मकान बनाएं।
यदि बिना नक्शे के घर बनवा लिया है तो उसका नक्शा दाखिल करें। शमनीय नक्शे स्वीकृत किए जाएंगे, जबकि अशमनीय निर्माण ध्वस्त किए जा सकते हैं। केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने विक्रय, भवन, शमन प्रकोष्ठ, प्रवर्तन विभाग आदि के अफसरों को आदेश दिया है कि वे ऐसे प्लाटों को चिन्हित करें, जो लीज पर आवंटित किए गए थे।
सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए रिपोर्ट तैयार करें। भवन निर्माण संबंधी नियमावली में प्रावधान है कि लीज पर आवंटित प्लाटों पर पांच साल में निर्माण न होने पर आवंटन निरस्त किया जा सकता है। उपाध्यक्ष ने इस नियमावली का पालन कराने के लिए कहा है।
पनकी, किदवई नगर, बसंत विहार, जवाहरपुरम, हाईवे सिटी, हाईवे सिटी विस्तार, स्वर्ण जयंती विहार सहित तमाम योजनाओं में लीज पर आवंटित सैकड़ों प्लाट खाली पड़े हैं। हजारों में नक्शे स्वीकृत कराए बिना निर्माण कराया गया है।