सांस लेने में हो रही दिक्कत
खराब सड़कों से उठने वाली धूल और वाहनों से निकलने वाले धुएं की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होना शुरू हो गई है। उन लोगों की तकलीफ ज्यादा बढ़ गई है, जो दमा, हृदय रोग और फेफड़ों के रोग से ग्रसित हैं। हैलट अस्पताल में रोजाना सांस, एलर्जी और दमा के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। शुक्रवार को भी ओपीडी में 40 मरीज आए।
दिवाली पर चार सौ का आंकड़ा छू सकता है एक्यूआई
दिवाली पर वैसे तो ग्रीन पटाखों को ही जलाने की अनुमति दी गई है। लेकिन जिस तरह से प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है, उससे दिवाली पर यदि पहले की अपेक्षा लोग 50 प्रतिशत से भी कम पटाखे जलाते हैं तो भी प्रदूषण की मात्रा 400 एक्यूआई से पार जा सकती है। इस बीच जिलाधिकारी विशाख जी ने पुलिस और एसीएम को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि वह लोगों से कहें कि वे सिर्फ ईको फ्रेंडली पटाखों का ही इस्तेमाल करें।
आज कहां कितना रहा एक्यूआई
स्थान एक्यूआई
नेहरू नगर 247
एफटीआई किदवई नगर 136
एनएसआई कल्याणपुर 152
आईआईटी कानपुर 55
ये है मानक
0 से 50 एक्यूआई तक हवा अच्छी और 100 एक्यूआई तक हवा की गुणवत्ता को संतोषजनक माना जाता है। वहीं, 101 से 200 एक्यूआई रहने पर हानिकारक जबकि 20 से 300 एक्यूआई को स्वास्थ्य के लिहाज से अधिक नुकसान देय खराब माना जाता है। इसके अलावा 301 से 400 एक्यूआई को बहुत खराब और 401 से ज्यादा एक्यूआई रहना खतरनाक माना जाता है।