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Kanpur Air Pollution: कानपुर में भी दमघोंटू हो रही हवा, 311 दर्ज हुआ AQI, फिर भी लापरवाह बना है प्रशासन

Fri, 04 Nov 2022 10:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में पिछले चौबीस घंटे में एक्यूआई 311 दर्ज किया गया है। वहीं, पीक टाइम में 500 तक एक्यूआई जा रहा है। इस भयावह स्थिति के बाद भी प्रशासन हाथ पर हाथ धरे हुए बैठा है। ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान में अलग-अलग विभागों के लिए जिम्मेदारी तय हो चुकी है। हालांकि विभागों को प्रदूषण की रोकथाम के लिए कदम उठाने की फुर्सत नहीं मिल रही है।
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कानपुर में वायु प्रदूषण - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर से दूर कानपुर शहर में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया है। पिछले चौबीस घंटे में शहर का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 311 दर्ज किया गया है। दिन के कुछ समय तो यह आंकड़ा 500 तक जा रहा है।

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धूल व गड्ढों वाली सड़क के अलावा उद्योगों-वाहनों से निकलते जहरीले धुएं की वजह से होने वाले प्रदूषण ने हालात बदतर बना दिए हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, मेरठ और बागपत को छोड़ दें, तो प्रदेश में सिर्फ कानपुर इकलौता ऐसा शहर है, जहां एक्यूआई 300 से ज्यादा रहा हैं।
राजधानी लखनऊ से लेकर वाराणसी, प्रयागराज, झांसी मुरादाबाद और आगरा जैसे शहरों में भी एक्यूआई का स्तर 250 से कम दर्ज किया गया है। वहीं, हापुड़ और बुलंदशहर जैसे व्यवसायिक केंद्र माने जाने वाले शहरों में भी एक्यूआई 300 से कम ही रहा है।

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पीक टाइम में 500 तक जा रहा एक्यूआई
गुरुवार को शहर के कल्याणपुर में एक्यूआई 271 दर्ज किया गया। इस दौरान कुछ समय के लिए तो इस क्षेत्र में एक्यूआई 500 का आंकड़ा भी छू गया। नेहरू नगर में एक्यूआई पिछले चौबीस घंटे में 352 दर्ज किया गया। वहीं, किदवई नगर जैसे रिहायशी इलाके में भी एक्यूआई 310 रहा।

यह हाल तब है, जब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम, एनएचएआई, पनकी पावर प्लांट और जटेटा के सीईटीपी की वजह से होने वाले वायु प्रदूषण की वजह से नोटिस देकर उचित कदम उठाने के लिए कहा था। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों के कछुआ चाल वाले कदमों की वजह से हालात सुधरने की बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं।

हर विभाग की अपनी है जिम्मेदारी
ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान में अलग-अलग विभागों के लिए जिम्मेदारी तय की गई है। जिलाधिकारी को इस प्लान के तहत कार्यवाही के लिए दायित्व सौंपा गया है जिस वजह से डीएम ने भी एक टास्क फोर्स गठित की है ताकि प्लान के तहत उपाय किए जा सके।

हालांकि विभागों को प्रदूषण की रोकथाम के लिए कदम उठाने की फुर्सत नहीं मिल रही है। फिलहाल प्रशासन के स्तर से सिर्फ मंथन हो रहा है जबकि एनजीटी के निर्देश के अनुसार एक्यूआई के 300 पार करने को बेहद खराब स्तर मानते हुए तत्काल ग्रेडिड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत कदम उठाए जाने चाहिए।
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कहां कितना है एक्यूआई....
 शहर                       एक्यूआई
बागपत                      352
मेरठ                         346
कानपुर                     311
हापुड़                        288
बुलंदशहर                  248
बरेली                       219
लखनऊ                   215
आगरा                    180
झांसी                      163
फिरोजाबाद              156
मुरादाबाद                116
प्रयागराज                128
वाराणसी                  103
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