23 साल से कोर्ट के चक्कर काटकर थक चुके एक मजदूर का दर्द कोर्ट के सामने छलक पड़ा। न्याय की आस छोड़ चुके इस मजदूर ने व्यवस्था से हारकर आखिर अपना जुर्म कबूल कर खुद ही सजा की मांग कर डाली। अपर जिला जज 14 अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा ने भी आरोपी की पीड़ा को समझते हुए उसे न्यूनतम सजा चार माह सुनाकर जेल भेज दिया।
चकेरी थाना क्षेत्र के संजीव नगर में दीपक गेस्ट हाउस के पास वर्ष 1999 में सड़क दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने बवाल किया था। पथराव कर गाड़ियों के शीशे तोड़े और आग लगाकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। इस मामले में चकेरी थाने में कई लोगों के खिलाफ दो रिपोर्ट दर्ज हुई थीं। जिसमें सुभाष रोड निवासी विजय दास को भी आरोपी बनाया गया था। विजय दास का कहना है कि वह गेस्ट हाउस में वेटर था। शोरशराबा सुनकर बाहर आया था। तो पुलिस ने फंसा दिया।