बेकाबू लोडर से हुई टक्कर
वीआरएस लेने के बाद सुशील ट्रांसपोर्टनगर में चंदन मोटर्स के नाम से स्पेयर पार्ट्स की दुकान चलाते थे। शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह स्कूटी से दुकान जा रहे थे। जीटी रोड स्थित रेलबाजार मोड़ के सामने सीओडी पुल की ओर से टाटमिल चौराहे की ओर जो रहे बेकाबू लोडर ने टक्कर मार दी।
राहगीरों के शोर मचाने पर चालक ने स्पीड और बढ़ा दी। लोडर के पीछे का कुंडा उनकी बेल्ट में फंस गया था, इससे वह लोडर में फंसकर घिसटते चले गए। उनके सिर पर लगा हेलमेट भी दूर जाकर गिर गया। इससे उनके कान से खून का रिसाव होने लगा।
उपचार न मिलने से हुई मौत
पुलिस ने पास मिले मोबाइल से उनकी पत्नी मालती देवी को सूचना दी। उनके बेटे पुष्पराज सिंह उर्फ चंदन ने बताया कि परिजनों को सूचना देने के बाद पुलिस काफी देर तक इंतजार करती रही। यदि सही समय से उपचार मिल जाता तो उनकी जान बच सकती थी। वृद्ध के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेड इंजरी से मौत की पुष्टि हुई है।
मदद के बजाय, फोटो खींचते रहे लोग
पुलिस ने घायल सुशील कुमार सिंह को लहूलुहान अवस्था में सड़क किनारे पड़े तख्त पर लिटा दिया और परिजनों के आने का इंतजार करने लगी। हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई, लेकिन न तो पुलिस ने और ही वहां खड़े लोगों ने अस्पताल पहुंचाने की तेजी दिखाई। लोग केवल मोबाइल में फोटो खींचते नजर आए।
पुलिस की संवेदनहीनता से एक रिटायर एयरफोर्स कर्मी की इलाज न मिल पाने के चलते सांसे उखड़ गईं। पुलिस ने लोडर को थाने में खड़ा करा लिया है। परिजनों का कहना है कि चंद कदम की दूरी पर अस्पताल होने के बाद भी पुलिस ने उन्हें ले जाकर इलाज कराने की जहमत नहीं उठाई। इससे उनमें नाराजगी रही।