पांच जनवरी को न्यायाधीश प्रेमचंद्र ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दिलीप बाल्मीकि को दोषी करार दिया। रामवीर व रहवारी के खिलाफ साक्ष्य नहीं मिलने पर कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया। शनिवार को न्यायाधीश ने दोषी दिलीप को सात वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई।
जुर्माना न देने पर दोषी दिलीप को छह माह का अतिरिक्त करावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत, प्रदीप कुमार, विकास कुमार ने दलीलें दी। वहीं, आरोपी को कड़ी सजा मिलने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है।