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कन्नौज विकास भवन: कुर्सी खाली, काम निपटा रहे दूसरे जिले के अधिकारी

Sun, 11 Feb 2024 06:47 PM IST
शिखा पांडेय तारिक इकबाल, अमर उजाला, कन्नौज
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विकास भवन - फोटो : अमर उजाला
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सियासी नजरिए से सुर्खियाें में रहने वाले कन्नौज में अफसरों की कमी है। कई अहम विभागों के मुखिया की कुर्सी रिक्त है। एक अधिकारी को दूसरे विभाग की जिम्मेदारी निपटानी पड़ रही है। कुछ विभाग तो दूसरे जिले के अधिकारियों के हवाले हैं। ब्लॉकों और नगर निकायों में भी अफसरों की कमी है।

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विकास के दावों और वादों के बीच उसको जमीन पर उतारने वाले अफसरों का ही टोटा है। डीडीओ के पास पहले से ही अपने विभाग के अलावा बचत विभाग का भी प्रभार है। इसके अलावा एक साल से छिबरामऊ ब्लॉक के बीडीओ की जिम्मेदारी भी उनके ही पास रही। इसके अलावा सौर उर्जा सहित ग्रामीण इलाकों में स्ट्रीट लगवाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नेडा के पास भी अपना अधिकारी नहीं है। फर्रुखाबाद के अधिकारी जसवंत सिंह यादव को यहां का अतिरिक्त प्रभार सौंप कर काम चलाया जा रहा है। इसी तरह जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी की जिम्मेदारी भी फर्रुखाबाद के जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शिशुपाल शर्मा के हवाले रही।

मुख्यालय के अधिकारियों को बीडीओ-ईओ की जिम्मेदारी
जिला मुख्यालय के कुछ अधिकारियों के पास अपने विभाग के साथ ही ब्लॉकों और दूसरे नगर निकाय की जिम्मेदारी है। डीसी मनरेगा दयाराम यादव के पास उमर्दा ब्लॉक के बीडीओ की भी जिम्मेदारी है। डीडीओ नरेंद्र देव द्विवेदी के पास छिबरामऊ ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार 20 फरवरी 2023 से था। दो दिन पहले वाराणसी से आए नए बडीओ दीपाकंर आर्या के आने पर उनसे यह अतिरिक्त प्रभार वापस लिया गया। कन्नौज नगर पालिका की ईओ नीलम चौधरी के पास तालग्राम नगर पंचायत की भी जिम्मेदारी है। कुछ दिन पहले उनका बांदा के लिए तबादला आदेश आया है। अभी चार्ज नहीं छोड़ा है। यहां के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार और आरईडी के एक्सईएन विनोद कुमार के पास पड़ोस जिला फर्रुखाबाद का अतिरिक्त प्रभार है।

एक बीईओ के हवाले सदर, नगर और मुख्यालय
बेसिक शिक्षा विभाग में भी अधिकारियों की कमी है। यहां सदर ब्लॉक के बीईओ को ही नगर क्षेत्र और मुख्यालय की जिम्मेदारी है। गुगरापुर और जलालाबाद ब्लॉक की जिम्मेदारी भी एक ही बीईओ के पास है।

जिला पंचायत: तीन महीने में तीसरे एएमए का तबादला
जिला पंचायत में तबादले का अलग ही खेल चल रहा है। पिछले एक साल से वहां नियमित अंतराल पर अपर मुख्य अधिकारी की कुर्सी अधिकारियों का आना-जाना लगा है। पिछले साल फरवरी में जिला पंचायत के एएमए के रूप में विनोद कुमार को अतिरिक्त प्रभार मिला। अगस्त महीने में अरविंद कुमार आनंद के रूप में नए अधिकारी की तैनाती हुई। दो महीने तक चार्ज नहीं मिलने से काम बाधित रहा। अक्तूबर में उन्हें चार्ज मिला। एक महीने बाद उनका तबादला गाजीपुर के लिए हो गया। एक माह तक कुर्सी खाली रही। फर्रुखाबाद के एएमए शिशुपाल शर्मा को यहां का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। अभी वह जिले को सही से समझ भी नहीं पाए और उनका तबादला हो गया। उनकी जगह पर जौनपुर के एएमए का यहां तबादला हुआ है। उन्होंने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया।
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इन विभागों में भी कई पद खाली
जिला उद्योग केंद्र में कर्मचारियों का टोटा है। युवा कल्याण विभाग में आठ के सापेक्ष चार क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी हैं। पूर्ति विभाग में हर ब्लॉक में एक-एक निरीक्षक की तैनाती होनी चाहिए। कम संख्या होने पर तहसील स्तरीय जिम्मेदारी दे दी गई है। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, समाज कल्याण विभाग में कई पदों पर कर्मचारी नहीं हैं।

जिला पंचायत में खाली पड़ी हैं कुर्सियां
- जेई का तीन पद, एक पद खाली
- टैक्स इंस्पेक्टर, तीन पद में दो खाली
- टैक्स अमीन, आठ पद में पांच खाली
- सहायक लेखाकार एक पद, तैनाती नहीं है।
- लिपिक के 24 पद हैं, 16 खाली हैं।
- तृतीय श्रेणी के 11 पद हैं, तीन खाली हैं।
- चतुर्थ श्रेणी के 11 पद हैं, सात खाली है।
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