एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि गिरोह के लोग शहर के होटलों में ठहरते हैं। दिन में रेकी करने के बाद महंगे कपड़े पहनकर महिलाएं घरों में घुसकर चोरी व लूटपाट करती हैं। कई जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। शहर में चोरी की योजना बनाते समय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कन्नौज जिले में सदर कोतवाली पुलिस ने घेराबंदी कर मध्यप्रदेश के कुख्यात कड़िया गिरोह के सरगना समेत छह महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी गईं महिलाओं में सरगना की पत्नी भी शामिल है। उसके साथ दो वर्षीय बच्चा भी मौजूद था।
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पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पड़ोसी जनपदों में भी दबिश दी है। शहर के रिहाइशी इलाकों में कुछ महिलाओं के रेकी करने की पुलिस को सूचना मिली थी। रविवार रात सदर कोतवाल विकास राय ने शहर के रिहाइशी इलाकों और प्रमुख चौराहों पर सादे कपड़ों में पुलिस टीमें तैनात कर दीं।
रात करीब एक बजे पुलिस ने गैस एजेंसी क्रासिंग के पास घेराबंदी कर गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया। पूछताछ करने पर आरोपियों की पहचान सरगना रविंद्र कुमार, उसकी पत्नी अर्चना, धन्नो बाई पत्नी मानसिंह, ललिता पत्नी बनवारी, सुनीता पत्नी रामबाबू निवासी कुड़िया, गीता देवी पत्नी ओमकार और भोली पत्नी रघुवीर निवासी उलखेड़ी, बोडा राजगढ़, मध्यप्रदेश के रूप में की गई।
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तलाशी लेने पर इनके पास से कई चाबियां, चाकू, आरी और प्लास बरामद हुए। एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि गिरोह के लोग शहर के होटलों में ठहरते हैं। दिन में रेकी करने के बाद महंगे कपड़े पहनकर महिलाएं घरों में घुसकर चोरी व लूटपाट करती हैं। कई जनपदों में मुकदमे दर्ज हैं। शहर में चोरी की योजना बनाते समय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य सदस्यों की तलाश में इटावा, फर्रुखाबाद, हरदोई समेत जिले में दबिश दी जा रही है।
लूटपाट और चोरी की ट्रेनिंग लेकर आई थीं महिलाएं
गैंग की महिलाओं के कारनामों की जानकारी होने पर पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। देश के कई राज्यों में मध्यप्रदेश के थाना राजगढ़ का गांव कड़िया कुख्यात अपराधियों के ठिकाने के रूप से मशहूर है। सरगना गांव की महिलाओं से लेकर बच्चों को लूटपाट, चोरी, ठगी से लेकर डकैती डालने तक की ट्रेनिंग देते हैं।
पकड़ी गई महिलाओं को सरगना ट्रेनिंग देकर वारदातों को अंजाम देने के लिए उत्तर प्रदेश लाया था। पुलिस की पूछताछ में सरगना रविंद्र ने बताया कि कड़िया गांव में करीब ढाई हजार परिवार हैं। पड़ोस के गांव गुलखेड़ी में 1200 और हुलखेड़ी में 600 घर हैं। इन गांवों के अधिकांश लोग कड़िया नामक गैंग बनाकर वारदातों को अंजाम देते हैं।
कई लोग बच्चों और महिलाओं को प्रशिक्षण देकर गैर राज्यों में लूटपाट, चोरी और डकैती की योजनाओं को अंजाम देते हैं। सरगना ने पत्नी के साथ गांव की महिलाओं को छह माह तक चोरी, लूट, जेब काटने, बैग पार करने, टप्पेबाजी, रिश्तेदार बनकर चोरी और डकैती का प्रशिक्षण दिया था। वारदात से पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
लापरवाही से गैंग का शिकार बनते लोग
गैंग में शामिल महिलाओं से पूछताछ में सामने आया कि लोगों की लापरवाही का फायदा इन्हें मिलता है। कई बार यह चकमा देकर लोगों से ठगी कर लेती हैं। सरगना की पत्नी अर्चना ने बताया कि बैंक से रुपये निकाल रहीं महिला ग्राहकों पर गंदगी डालकर फिर साफ करने की बातों में फंसा कर टप्पेबाजी करती हैं। अक्सर शादी समारोह में रिश्तेदारों की भीड़ में शामिल होकर जेवर पार कर देती हैं। महंगे कपड़े पहनने के कारण कोई शक नहीं करता है।