आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने मकान के गेट को जबरदस्ती खुलवाया और घर के अंदर घुसकर मारपीट की। उनके चीखने व चिल्लाने की आवाजें सुनकर मदद को आए अजय कुमार, उनकी पत्नी वंदना व बेटे नवाब सिंह के साथ भी मारपीट की और सभी को जबरदस्ती गाड़ी में डालकर फ्रेंड्स कालोनी थाने ले गए।
इटावा जिले में कोर्ट के आदेश पर फ्रेंड्स कालोनी पुलिस ने थाने में तैनात रहे एसएसआई, एसआई, दो महिला सिपाही समेत पांच अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, धमकी, एससी/एसटी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराते हुए फ्रेंड्स कालोनी सी-14 ब्लाक में रहने वाली अरुण की पत्नी संगीता ने बताया कि वह सी-14 निवासी देवेंद्र के मकान में किराये पर रहती है। मकान की तीसरी मंजिल पर फ्रेंड्स कालोनी थाने में तैनात एक महिला सिपाही किराये पर रहती थी।
15 फरवरी की रात करीब 11 बजे वह पति व बच्चों के साथ सो रही है। रात में देर से गेट खोलने पर महिला सिपाही ने रौब दिखाकर उन्हें धमकाया। इसका विरोध करने पर महिला सिपाही ने फोन करके थाने से तत्कालीन एसएसआई वीरेंद्र बहादुर, एसआई तरुण कुमार, साथी महिला सिपाही प्रियंका समेत चार-पांच सिपाहियों को बुला लिया।
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आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने मकान के गेट को जबरदस्ती खुलवाया और घर के अंदर घुसकर मारपीट की। उनके चीखने व चिल्लाने की आवाजें सुनकर मदद को आए अजय कुमार, उनकी पत्नी वंदना व बेटे नवाब सिंह के साथ भी मारपीट की और सभी को जबरदस्ती गाड़ी में डालकर फ्रेंड्स कालोनी थाने ले गए।
थाने में एसएसआई, एसआई, महिला सिपाही समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने लात-घूंसे, थप्पड़ों व पट्टे से पीटा। मारपीट में संगीता व वंदना घायल हो गई थी। पुलिस ने जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। आरोप है कि जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कहा कि कही कोई शिकायत की तो फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा।
संगीता के मौसा शैलेंद्र प्रताप सिंह ने तत्कालीन एसएसपी आकाश तोमर व तत्कालीन सीओ सिटी राजीव प्रताप को सूचना दी। उच्चाधिकारियों ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने के बजाए संगीता व वंदना का चालान कर दिया और उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की। कोर्ट के आदेश पर रविवार को फ्रेंड्स कालोनी पुलिस ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, धमकी, एससी/एसटी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।
थाना प्रभारी गगन कुमार गौड़ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर महिला सिपाही प्रियंका, एसएसआई वीरेंद्र बहादुर सिंह, एसआई तरुण प्रताप, महिला सिपाही प्रियंका समेत चार-पांच अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की विवेचना सीओ सिटी दरवेश कुमार करेंगे।
महिला की सिपाही ने जूतों पर रगड़वाई थी नाक
संगीता का आरोप है कि एसएसआई वीरेंद्र बहादुर सिंह ने संगीता की गर्दन पकड़कर महिला सिपाही प्रियंका के जूतों पर उसकी नाक रगड़वाई थी। इसके साथ ही पैर छुआ कर माफी मंगवाई थी। एसआई तरुण प्रताप पर आरोप है कि दोनों महिलाओं को निर्वस्त्र करके मारने की धमकी दी थी। एसएसआई ने संगीता व वंदना को बाल पकड़ा पटका और साथी पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर पीटा था। यह खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इसका उल्लेख पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई गई एफआईआर में भी किया है।