मामले में पुलिस ने नवाबगंज के आजादनगर निवासी मंदिर प्रबंधक सुनील शिवमंगल पांडेय की तहरीर पर अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मंगलवार को क्राइम ब्रांच और बिठूर पुलिस की संयुक्त टीम ने कन्नौज के ठठिया रामनगर निवासी कुंवरपाल और राजा को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने मोहल्ले के ही फहीम के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद चोरी के जेवरात ठठिया निवासी सराफ गणेश कुमार सोनी और कन्नौज के इंदरगढ़ निवासी संदीप कुमार सक्सेना के पास बेचने की बात कबूल की।
पुलिस ने दोनों सराफ को भी गिरफ्तार कर उनके पास से एक किलो 792 ग्राम चांदी, दो तोले का मंगलसूत्र, चांदी का शिवलिंग, वारदात के प्रयुक्त चोरी के उपकरण और बाइक बरामद की है। बता दें कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से मामले का खुलासा किया है।
रेकी कर दिया था वारदात को अंजाम
एसीपी कल्याणपुर विकास कुमार पांडेय ने बताया कि गैंग का सरगना कुंवरपाल है। वह राजा और फहीम के साथ वारदात के एक दिन पहले बाइक से बिठूर के सांई मंदिर धाम और मां बंगला पीतांबरा मंदिर रेकी करने गया था। अगली रात चोरी की थी। अगले दिन ही दोनों ज्वैलर्स को जेवरात बेच दिए थे।
मंदिर और म्यूजियम को गैंग बनाता है निशाना
डीसीपी क्राइम ने बताया कि कुंवरपाल मंदिर और म्यूजियम में चोरी करता है। वर्ष 2012 में कुंवर पाल ने मध्यप्रदेश में रीवा के महाराजा मार्तंड सिंह के फोर्ट म्यूजियम में डकैती डालकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके बाद पौराणिक मूर्तियां चोरी की थीं।
इसके बाद वर्ष 2017 में तिर्वा स्थित प्राचीन मां अन्नपूर्णां मंदिर और दौलेश्वर धाम मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसके खिलाफ कन्नौज के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ गैंगस्टर की भी कार्रवाई हो चुकी है। इसके साथ ही उसके खिलाफ मध्यप्रदेश और राजस्थान में मुकदमे दर्ज हैं।
इनको मिलेगा इनाम
खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह, एसआई देवी शरण, सत्येंद्र सिंह, मनजीत सिंह, सचिन कुमार, क्राइम ब्रांच से एसआई सुमित शर्मा, जनार्दन सिंह, कांस्टेबल लवकुश मिश्रा, प्रदीप कुमार, दिलीप कुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं। इन्हें 50 हजार का इनाम मिलेगा।