बैंक लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब होने का मामला
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कानपुर में लॉकर लूट का मास्टरमाइंड बैंक मैनेजर रामप्रसाद बीते 33 सालों से सेंट्रल बैंक की अलग-अलग शाखाओं में काम कर चुका है। एक साल से फीलखाना शाखा में था। उसके फंड, पेंशन मद में 50 लाख से ज्यादा रुपये हैं। इसके बाद भी अमीर बनने के चक्कर में चोर बन गया।
आरोपी बैंक मैनेजर की मासिक सैलरी एक लाख 25 हजार है, जबकि लॉकर इंचार्ज शुभम की सैलरी एक लाख 10 हजार के करीब है। लालच में पड़कर दोनों ने लॉकर लूट डाले। सूत्रों ने बताया कि दोनों सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव रहते थे। हमेशा देश के बड़े-बड़े रइसों जैसा होने की बातें करते थे। बताया गया कि शुभम मालवीय बीते 10 साल से बैंक में काम कर रहा है। लॉकरों में चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रबंधन ने दोनों के पुराने ट्रैक रिकार्ड की जानकारी करवाई थी।
शहर में ही है शुभम
सूत्रों ने बताया कि आरोपी लॉकर इंचार्ज पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वो रायपुरवा स्थित एल्डिको अपार्टमेंट में रहता था। बैंक के दस्तावेजों में वहीं का पता लिखा है। बताया गया कि शुभम शहर में ही है और अपने परिजनों के संपर्क में भी है।
बैंक बंद होने के बाद कई ग्राहक शाखा पहुंचे
महीने का दूसरा शनिवार होने के चलते बैंक बंद थे। इसके बाद भी बैंक आफ इंडिया की फूलबाग शाखा और सेंट्रल बैंक आफ इंडिया समेत अन्य सरकारी बैंकों की शाखाओं में कुछ ग्राहक अपने लॉकरों की जांच करने पहुंचे थे।