17 जून से 28 जून के बीच अवकाश पर थे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट
इसके बाद जेसीबी को पुलिस ने कासिमपुर थाने में खड़ा करा लिया और सीज कर दिया। विश्वसत सूत्रों के मुताबिक अजीम और हनीफ ने फजीवाड़ा कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय का आदेश बना लिया। यह आदेश 21 जून का था, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट 17 जून से 28 जून के बीच अवकाश पर थे।
थानाध्यक्ष ने अपने संपर्कों-संबंधों का इस्तेमाल कर जेसीबी थाने में मंगवा ली
कासिमपुर पुलिस ने रिलीजिंग ऑडर देखा और जेसीबी छोड़ दी। इसी बीच खनन कार्यालय से पुलिस को भनक लगी कि रिलीज आडर फर्जी है तो पुलिस के हाथ पैर फूल गए। आनन फानन ही जेसीबी थाने तक वापस लाने की कवायद शुरू हुई। थानाध्यक्ष ने अपने संपर्कों-संबंधों का इस्तेमाल कर जेसीबी थाने में मंगवा ली।
आरोपी के खिलाफ दर्ज की जाएगी एफआईआर
इसके बावजूद बड़ा मामला यह है कि सीजेएम के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से कैसे रिलीज आडर बन गया। थानाध्यक्ष रामलखन का कहना है कि जेसीबी छोड़ी नहीं गई थी। फर्जी आदेश होने की बात उन्होंने ही पकड़ी और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।