जाजमऊ इंस्पेक्टर ने नसीम और उनके अधिवक्ता गौरव दीक्षित से घर पर ही ले लिया ज्ञापन
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सीएसजेएमयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने कानपुर आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को सपा विधायक इरफान सोलंकी की जेल शिफ्टिंग के संबंध में ज्ञापन देने जा रहीं उनकी पत्नी नसीम को उनके घर पर ही रोक दिया गया। अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिलने पर जाजमऊ थाने की फोर्स इरफान के घर पहुंची और ज्ञापन की प्रति नसीम से लेकर राज्यपाल तक पहुंचा देने का आश्वासन दिया, लेकिन खुद नसीम को ज्ञापन देने जाने से रोक दिया।
ज्ञापन में कहा गया है कि साजिशन इरफान को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए कानपुर से महाराजगंज जेल में शिफ्ट किया गया है। वहां इरफान के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है। न तो परिवार वालों को और न ही उनके अधिवक्ता गौरव दीक्षित को मिलने दिया जाता है। इरफान की तबीयत बहुत खराब है।
उनका वजन लगभग 20 किलो कम हो गया है। उनकी दोनों किडनियों में स्टोन है। पेशी पर हर हफ्ते कोर्ट आना होता है। लगभग 400 किलोमीटर दूर से आठ घंटे की लगातार यात्रा करके कोर्ट पहुंचने के कारण इरफान की कमर व रीढ़ की हड्डी में दर्द बहुत बढ़ गया है। उन्होंने संवेदना का हवाला देते हुए रमजान माह में इरफान को कानपुर जेल में स्थानांतरित करने की राज्यपाल से गुहार लगाई है।