जिस समय सपा विधायक इरफान पर महिला के प्लॉट कब्जाने और घर में आग लगाने को मुकदमा दर्ज किया गया था, उसी दौरान सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने 11 विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल कानपुर भेजा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने जांच के बाद इसे साजिश करार दिया था।
पहले दिन सत्र में नहीं जा पाएंगे इरफान
सपा विधायक इरफान सोलंकी ने जेल में रहते हुए विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है। पता चला है कि अपने वकील के जरिये उन्होंने पूरे कागजात भी तैयार कराए, लेकिन शनिवार को ये कागजात कोर्ट में दाखिल नहीं हो सके।
यह भी पता चला है कि उन्होंने जेल अधीक्षक से भी सोमवार को विधानसभा सत्र में जाने के लिए अनुमति देने का पत्र दिया था, लेकिन मना कर दिया गया। अब सोमवार को फिर से कोर्ट खुलने के बाद यह अर्जी लगाई जाएगी। उसके बाद ही तय हो पाएगा कि बाकी दो दिनों में इरफान विधानसभा सत्र में जा पाएंगे या नहीं।
विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकारी जांच की अर्जी
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने विधायक इरफान सोलंकी पर की गई कार्रवाई की जांच कराने की मांग विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से की थी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष की ओर से उनकी मांग स्वीकार कर ली गई है। इसके लिए शनिवार शाम विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय से एक पत्र भी अमिताभ को प्राप्त हुआ।
विधायक इरफान सोलंकी पर की गई कार्रवाई पुलिस का बुना जाल है। उनकी पार्टी के विधायक विधानसभा सत्र में पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ जमकर आवाज उठाएंगे। ऐसे स्थिति में वे लोग विधानसभा सत्र नहीं चलने देंगे। -अमिताभ बाजपेई, सपा विधायक
विधायक इरफान को लेकर जिस तरह से पुलिस ज्यादती कर रही है। इस मामले को विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाएंगे। अपनी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से यह भी मांग करेंगे। इस मामले में विधायकों की जांच कमेटी बनाई जाए। -मो. हसन रूमी, सपा विधायक