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UP: निशानेबाजों के लिए कानपुर में ही बनेंगी अंतरराष्ट्रीय राइफल, स्याल ग्रुप ने जैनपुर में लगाई इकाई

Sun, 26 Jun 2022 09:52 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

जनवरी 2023 में सीओटू एयर पिस्टल-राइफल आएंगी। रिकी स्याल ने बताया कि राइफलों के निर्माण के लिए जर्मनी, तुर्की की कंपनियों के इंजीनियरों की मदद ली गई है।
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उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कंपनी के ब्रांड कैमस्टार स्पोर्ट्स को किया लांच - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वेब्ले स्काट रिवाल्वर और पिस्टल बनाने वाला स्याल समूह शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग राइफल भी बनाएगा। ग्रुप ने जैनपुर में एक इकाई लगाई है। अगस्त 2022 में चार अलग-अलग राइफल बाजार में आ जाएंगी। इससे प्रदेशभर के निशानेबाजों को अपना कॅरियर बनाने में सहूलियत होगी। अभी ये राइफल जर्मनी, स्विटजरलैंड जैसे यूरोपीय देशों से आयात की जाती हैं।

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ये महंगी पड़ती हैं। देश में पहली इकाई होगी, जहां स्पोर्ट्स शूटिंग की राइफल तैयार हो सकेंगी। रविवार को लखनऊ के एक होटल में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कंपनी के ब्रांड नेम कैमस्टार स्पोर्ट्स और इसके उत्पाद को लांच किया। बताया गया कि शहर व प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों और स्कूलों में 2023 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज भी बनाई जाएंगी। इस दौरान एक साल की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई।

कैपिटल एयरगन मैन्यूफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रिकी स्याल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया मुहिम से प्रेरणा लेकर एयर राइफल, पिस्टल और पैलेट्स का निर्माण किया जाएगा। नाइट्रो एंड स्पिनिंग एयर राइफल, स्प्रिंग एक्शन एयर पिस्टल और चार तरह के पैलेट्स जैनपुर की इकाई में बनकर अगस्त से बाजार में आ जाएंगे। दूसरे चरण अक्तूबर 2022 में प्रीचार्ज्ड पिन्यूमैटिक (पीसीपी) एयर पिस्टल और राइफल लाई जाएंगी। उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लखनऊ में जोगिंदर स्याल, राजेश भाटिया भी मौजूद रहे।
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अगले वर्ष आएगी एयर पिस्टर रायफल
जनवरी 2023 में सीओटू एयर पिस्टल-राइफल आएंगी। रिकी स्याल ने बताया कि राइफलों के निर्माण के लिए जर्मनी, तुर्की की कंपनियों के इंजीनियरों की मदद ली गई है। इनके जरिये यहां के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। एक राइफल में 50 से ज्यादा उपकरण लगते हैं। सभी उपकरण शहर में ही बनेंगे। राइफलें सौ फीसदी स्वदेशी होंगी।

नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी राइफल
रिकी स्याल ने बताया कि विदेश से आयत करने में एक रायफल की कीमत डेढ़ से तीन लाख रुपये तक होती है। यहां पर राइफल की अनुमानित कीमत सात हजार से लेकर 40 हजार तक होगी। ऐसे में निशानेबाजों को महंगी विदेशी राइफल नहीं खरीदनी पड़ेंगी। उनके मुताबिक इन राइफलों को 13 साल का किशोर भी खरीद सकता है। इन राइफलों को खरीदने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। इनकी मारक क्षमता राइफलों की रेंज के मुताबिक 10 से 25 मीटर तक होगी। 
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