कैपिटल एयरगन मैन्यूफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रिकी स्याल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेक इन इंडिया मुहिम से प्रेरणा लेकर एयर राइफल, पिस्टल और पैलेट्स का निर्माण किया जाएगा। नाइट्रो एंड स्पिनिंग एयर राइफल, स्प्रिंग एक्शन एयर पिस्टल और चार तरह के पैलेट्स जैनपुर की इकाई में बनकर अगस्त से बाजार में आ जाएंगे। दूसरे चरण अक्तूबर 2022 में प्रीचार्ज्ड पिन्यूमैटिक (पीसीपी) एयर पिस्टल और राइफल लाई जाएंगी। उपमुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान लखनऊ में जोगिंदर स्याल, राजेश भाटिया भी मौजूद रहे।
अगले वर्ष आएगी एयर पिस्टर रायफल
जनवरी 2023 में सीओटू एयर पिस्टल-राइफल आएंगी। रिकी स्याल ने बताया कि राइफलों के निर्माण के लिए जर्मनी, तुर्की की कंपनियों के इंजीनियरों की मदद ली गई है। इनके जरिये यहां के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। एक राइफल में 50 से ज्यादा उपकरण लगते हैं। सभी उपकरण शहर में ही बनेंगे। राइफलें सौ फीसदी स्वदेशी होंगी।
नहीं खरीदनी पड़ेंगी महंगी राइफल
रिकी स्याल ने बताया कि विदेश से आयत करने में एक रायफल की कीमत डेढ़ से तीन लाख रुपये तक होती है। यहां पर राइफल की अनुमानित कीमत सात हजार से लेकर 40 हजार तक होगी। ऐसे में निशानेबाजों को महंगी विदेशी राइफल नहीं खरीदनी पड़ेंगी। उनके मुताबिक इन राइफलों को 13 साल का किशोर भी खरीद सकता है। इन राइफलों को खरीदने के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। इनकी मारक क्षमता राइफलों की रेंज के मुताबिक 10 से 25 मीटर तक होगी।