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खुलासा: बुखार के मरीजों की डेंगू की जांच के सैंपल नहीं भेज रहे अवैध नर्सिंग होम, पकड़ा जाएगा फर्जीवाड़ा

Tue, 31 Aug 2021 09:48 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

नर्सिंगहोमों में भर्ती रोगियों की रैपिड कार्ड से एंटीजन जांच कराई जा रही है। रोगी पॉजिटिव तो निकल रहे हैं लेकिन जांच मान्य न होने से इनका नोटिफिकेशन नहीं हो रहा है।
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डेंगू
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विस्तार
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कानपुर में बगैर रजिस्ट्रेशन संचालित निजी नर्सिंगहोम बुखार के रोगियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। अपनी पोल न खुल जाए, इसलिए डेंगू की जांच के लिए इन रोगियों के ब्लड सैंपल जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग नहीं भेज रहे हैं।
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दरअसल, सैंपल भेजने पर उन्हें फार्म भरना पड़ेगा और अगर रोगी डेंगू पॉजिटिव आता है तो नोटिफिकेशन के लिए उन्हें सीएमओ कार्यालय में सूचित करना पड़ेगा। इससे उनके अवैध होने की पोल खुल जाएगी। नर्सिंगहोमों में भर्ती रोगियों की रैपिड कार्ड से एंटीजन जांच कराई जा रही है।
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रोगी पॉजिटिव तो निकल रहे हैं लेकिन जांच मान्य न होने से इनका नोटिफिकेशन नहीं हो रहा है। जांच में प्लेटलेट्स कम निकलने पर निजी पैथोलॉजियों से मंगाकर चढ़ाई जा रही है। रोगियों के तीमारदारों ने बताया कि निजी पैथोलॉजी से आठ सौ से 1200 रुपये के बीच प्लेटलेट्स मिल रही हैं।

70-80 हजार प्लेटलेट्स काउंट होने पर रोगियों को डेंगू बता दिया जाता है। ग्रामीण इलाकों के ज्यादातर बुखार के मरीज कल्याणपुर, नौबस्ता, रामादेवी आदि इलाकों के निजी नर्सिंगहोमों में भर्ती हैं। बुखार के रोगी सुनील और राजेश कुमार ने बताया कि नर्सिंगहोम से जांच कराने के लिए कहा गया तो स्टाफ ने कहा कि अपना सैंपल लेकर खुद मेडिकल कालेज चले जाओ।

उधर, हैलट, उर्सला ब्लड बैंक के अलावा निजी पैथोलॉजियों में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ रही है। डेंगू की जांच के लिए मेडिकल कालेज और उर्सला की लैब ही मान्य है। यहां एलाइजा टेस्टिंग होती है। लेकिन उर्सला में किट न होने के कारण यहां भर्ती रोगियों की भी एंटीजन जांच कराई जा रही है। सीएमओ डॉ. नेपाल सिंह ने अपील की है कि डेंगू जांच के लिए सैंपल मेडिकल कालेज भेजें।
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