अपने गणितीय मॉडल ‘सूत्र’ के आधार पर दूसरी लहर की भयावहता का आकलन करने वाले आईआईटी के प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर जरूर आएगी। हालांकि अध्ययन के बाद ही इस बात का पता चल सकेगा कि लहर कब आएगी।
लंबे समय के बाद कोरोना ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। अब तक दुनिया के 15 से अधिक देशों में ओमिक्रॉम वैरिएंट फैल चुका है। गनीमत है कि देश में अभी तक इस वैरिएंट से ग्रस्त कोई केस नहीं मिला है। इस वैरिएंट को लेकर आईआईटी के वैज्ञानिक प्रो. मणींद्र ने अध्ययन शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि अभी तक केस के आधार पर उम्मीद है कि तीसरी लहर दूसरी लहर की अपेक्षा कम घातक होगी। प्रो. अग्रवाल ने दूसरी लहर आने, संक्रमण के फैलाव समेत तमाम बिंदुओं पर भविष्यवाणी की थी जो काफी हद तक सटीक साबित हुई थी। उन्होंने कहा कि विदेशों में फैल रहे संक्रमण को देखते हुए तय है कि जल्द ही भारत में भी केस आएंगे।
10 दिन में तैयार करेंगे रिपोर्ट
प्रो. अग्रवाल अपने अध्ययन में साउथ अफ्रीका के डाटा को शामिल करेंगे। उसी के आधार पर ही रिपोर्ट बनाएंगे। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट बनने में कम से कम 10 दिन का समय लगेगा। प्रदेश के साथ देश के प्रमुख राज्यों की भी रिपोर्ट तैयार होगी।
इस वजह से कम घातक होगी लहर
प्रो. अग्रवाल का कहना है कि लोगों में सेल्फ इम्युनिटी डेवलप हो गई है। वैक्सीनेशन भी काफी लोगों का हो चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि तीसरी लहर दूसरी लहर की अपेक्षा ज्यादा प्रभावी नहीं होगी।