गुजरात के तीन युवकों को बंधक बनाकर उनके परिवार वालों से फिरौती मांगने वाला आरोपी भगवान सिंह
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कानपुर में रुपये वापस न करने पर कानपुर देहात के एक किसान ने गुजरात के तीन युवकों को घर बुलाया। तीनों को बंधक बना लिया। उसके बाद उनके परिजनों को फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। गुजरात पुलिस की सूचना पर कानपुर कमिश्नरी की क्राइम ब्रांच सक्रिय हुई। गुजरात पुलिस के साथ मिलकर तीनों युवकों को सकुशल तलाश लिया।
आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी के कई साथी फरार हैं। कानपुर देहात के राजपुर निवासी भगवान सिंह का किसी के जरिये गुजरात के विरल भाई, कयुर भाई हाड़ा उर्फ किशन व जतिन रमेश भाई पढ़ियार से संपर्क हुआ। विरल व किशन शेयर मार्केट का काम करते हैं जबकि जतिन सरकारी बैंक के कर्मचारी हैं।
क्राइम ब्रांच के सब इंस्पेक्टर सुनीत शर्मा ने बताया कि करीब सात महीने पहले भगवान सिंह ने किशन व विरल को 17 लाख रुपये शेयर मार्केट में लगाने के लिए दिए थे। छह लाख रुपये उन लोगों ने भगवान सिंह को वापस कर दिए थे लेकिन बाकी रकम वापस नहीं कर रहे थे। मार्केट में और रकम लगाने की बात कहकर इन दोनों को भगवान सिंह ने कानपुर देहात आने को कहा।
जिसके बाद विरल व किशन अपने दोस्त जतिन के साथ 26 नवंबर को अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंचे। यहां से भगवान सिंह व उसके साथियों ने कार से उनको रिसीव किया और फिर राजपुर स्थित घर पर ले गए। यहां पर भगवान सिंह ने तीनों को बंधक बनाकर उनके परिवार वालों से बीस लाख रुपये की मांग की। गुजरात के जामनगर में इसकी एफआईआर दर्ज की गई। गुजरात पुलिस ने तत्काल कानपुर कमिश्नरी से संपर्क किया। क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस की मदद से 29 नवंबर को आरोपियों को पकड़ लिया। उसके बाद तीनों युवकों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
मोबाइल ऑन था इसलिए ट्रेस हो गया आरोपी
पुलिस के पास भगवान सिंह का मोबाइल नंबर था। उसी आधार पर गुजरात पुलिस ने उसकी लोकेशन निकाली थी। जब कानपुर देहात की लोकेशन मिली तब उन्होंने कमिश्नरी पुलिस से संपर्क किया। सर्विलांस टीम ने आसानी से लोकेशन ट्रेस करते हुए भगवान सिंह के घर पहुंच गए। वारदात में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी पुलिस ने अभी तक नहीं दी है।