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Nano Particle Seed: आईआईटी कानपुर ने बनाया गेहूं का नैनो पार्टिकल सीड, न लगेगी ज्यादा खाद न पानी

Sun, 23 Oct 2022 10:26 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आईआईटी कानपुर इंक्यूबेटेड कंपनी ने गेहूं का नैनो पार्टिकल सीड बनाया है। यह ऐसी सीड है, जिसमें पानी की खपत 33 फीसदी कम होगी और लागत भी 48 प्रतिशत कम लगेगी।
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बीज - फोटो : social media
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विस्तार
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आईआईटी कानपुर इंक्यूबेटेड कंपनी एलसीबी फर्टिलाइजर ने गेहूं का नैनो कोटेड पार्टिकल सीड तैयार किया है। इसे बोने के बाद 35 दिनों तक पानी की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही भीषण गर्मी में भी फसल खराब नहीं होगी। एलसीबी कंपनी ने अभी गेहूं के बीज पर प्रयोग किया है, जो सफल रहा है।

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इस साल प्रदेश के 35 जिलों में इस बीज की बोआई की जाएगी। गेहूं के बीज में नैनो पार्टिकल और सुपर एब्जार्बेंट पॉलिमर की कोटिंग की गई है। कंपनी के इंक्यूबेटेर अक्षय श्रीवास्तव ने बताया कि गेहूं पर जिस पॉलिमर की कोटिंग की गई है, वह 268 गुना अधिक पानी सोख लेता है और 35 दिनों तक इसे सोखे रहता है।
इसके बाद धीरे-धीरे पानी छोड़ता है। इसके अलावा जीवित जीवाणुओं का संयोजन भी दिया जाता है। इसकी मदद से यह खाद को बनाएगा और बार-बार खाद देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। खाद में जैविक नैनो पार्टिकल का प्रयोग किया गया है, जो बैक्टीरिया को 78 डिग्री के तापमान में भी जिंदा रखता है।

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120-150 दिनों में तैयार होगी फसल
इस बीज के प्रयोग से पैदावार में 15 फीसदी की बढ़त, सिंचाई 33 फीसदी कम और लागत में 48 फीसदी की कटौती होती है। अक्षय ने कहा कि सामान्य गेहूं की फसल 120-150 दिनों में तैयार होती है। इसमें तीन से चार सिंचाई की जरूरत होती है। इसमें मात्र दो सिंचाई में भी काम हो सकता है। यूपी के 35 जिलों के अलावा बिहार, झारखंड में भी इस पर काम किया जा रहा है।
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तैयार किया है वॉटर कैप्सूल
अक्षय ने कहा कि इस तकनीक से एक कैप्सूल भी तैयार किया जो आपके पौधों को 35 दिनों तक पानी देता रहेगा। पानी के साथ पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे। इसकी मदद से आप निश्चिंत होकर कहीं भी बाहर जा सकेंगे।
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