राज्य किसान सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य वीरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि उड़द व मूंग में फफूंदी, तिल के काले पड़ने की आशंका है। बाजरा की बालियां भीगने से सबसे ज्यादा नुकसान है। गोभी, बंदगोभी, टमाटर, मिर्च, बैंगन, तोरई, लौकी, करेला की फसल सड़ सकती है।
आलू और सरसों की बुवाई रुकी
15 सितंबर से जिले में सरसों की बुवाई शुरू हो जाती है। करीब 70 हजार हेक्टेयर में सरसों होती है। 15 अक्तूबर से आलू की बुवाई शुरू होती है। 80 हजार हेक्टेयर आलू का रकबा है। बारिश का पानी खेतों में भरने से बुवाई रुक गई है।
कटाई में पता चलेगा नुकसान
उप निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी पुरुषोत्तम मिश्रा ने बताया कि बाजरा, तिलहन व दलहन फसलों में नुकसान हुआ है। कितना नुकसान हुआ है, कटाई पर पता चलेगा। कटाई इसी सप्ताह शुरू होगी।
दिवाली बाद होगी बुवाई
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के प्रभारी डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि सरसों व आलू की बुवाई एक महीने पिछड़ गई है। खेतों में पानी भरा है। बाजरा, तिलहन व दलहन फसलों में अधिक नुकसान हुआ है।