ओमान में फंसी तीन महिलाओं को वापस लाने के लिए भारतीय दूतावास की ओर से औपचारिकताएं पूरी कराई जा रही हैं, लेकिन अब तक केवल एक ही महिला का पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज मिले हैं। दो महिलाओं के दस्तावेज गायब हो गए हैं।
मानव तस्कर अतीकुर्रहमान व मुजम्मिल ने नौकरी का झांसा देकर उन्नाव व कानपुर की आधा दर्जन महिलाओं को ओमान भेजा था। ओमान पहुंचने के बाद महिलाओं को धोखाधड़ी का एहसास हुआ। आरोप है कि ओमान में सर्वेंट एजेंसी की संचालिका आयशा ने उन्हें जिन शेखों के यहां भेजा, वहां बंधक बनाकर उत्पीड़न किया जा रहा है।
शिकायत के बाद अप्रैल में उन्नाव की एक महिला और मई में पंजाब की दो महिलाओं को शेखों के चंगुल से मुक्त कराकर भारत लाया गया था। अभी तीन अन्य महिलाएं ओमान में फंसी हैं, जिनकी सूचना क्राइम ब्रांच ने ओमान के भारतीय दूतावास को दी थी। इस मामले में भारतीय दूतावास ने एक महिला को मुक्त कराकर दूतावास में बुलाया है। उसके दस्तावेज भी मिल गए हैं। महिला को जल्द ही वापस भेजने की तैयारी है।
दो महिलाओं के दस्तावेजों का इंतजार
एडीसीपी क्राइम ब्रांच दीपक भूकर ने बताया कि उन्नाव के सफीपुर व बेकनगंज की महिलाओं के दस्तावेज अभी नहीं मिले हैं। महिला ने वॉयस मैसेज भेजकर बताया कि सर्वेंट एजेंसी की संचालिका ने दस्तावेज अपने पास होने की बात से इनकार किया है। इस पर ओमान के लेबर डिपार्टमेंट से जानकारी मांगी गई है।