वहीं, जिन अस्पतालों में प्रमाणीकरण नहीं हुआ है, वो तत्काल इस कार्यवाही को शुरू करें। सभी अस्पतालों में मशीनों का रखरखाव और उपयोग ठीक से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अपरिहार्य परिस्थिति में ही जांच बाहर से कराई जाए।
बाहर की दवाओं पर रहेगी रोक, प्रदर्शित होगी डॉक्टरों की सूची
सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों की सूची एक नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाए, जहां उनकी उपस्थिति के समय का भी उल्लेख हो। यह सुनिश्चित कराने को कहा गया है कि कोई चिकित्सक बाहर की दवाएं न लिखे। अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध रहें। जन औषधि केंद्रों को क्रियाशील रखा जाए और अस्पताल में दवा खत्म होने पर इन केंद्रों पर उपलब्ध दवा लिखी जाए।
मंडल के जिला अस्पतालों में पहले से भी कई कैमरे लगाकर निगरानी की जा रही है। अब ओपीडी और दवा काउंटर की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे, जिसकी निगरानी राज्य मुख्यालय द्वारा की जाएगी। शासन द्वारा जारी निर्देशों का पाालन कराया जाएगा। -डॉ. नरेश सिंह तोमर, अपर निदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चित्रकूट धाम मंडल बांदा