पुलिस खोजबीन में जुटी थी तभी एक मकान से युवक पुलिस के सामने आकर खड़ा हो गया। बोला, कि व्हाट्सएप पर सूचना देने वाला वही है। पूछताछ में अपना नाम पता विनय श्रीवास्तव निवासी रायबरेली रोड कैलाशपुरी असख जनपद अयोध्या बताया।
हरदोई जिले में इंटरनेट की मदद से पुलिस की मीडिया सेल ने युवक को ससुराल से सुरक्षित निकाल कर घर पहुंचा दिया। युवक ने व्हाट्सएप पर ससुरालियों पर बंधक बनाए जाने का आरोप लगा बचाने की गुहार लगाई थी। शनिवार मीडिया सेल के प्रभारी निरीक्षक राकेश उपाध्याय के सीयूजी नंबर पर मैसेज आया, जिसमें ‘हेल्प मी’ लिखा था।
विज्ञापन
व्हाट्सएप पर भेजे मैसेज में पीड़ित ने कहा कि उसकी ससुराल बावन में है। थाना क्षेत्र का नाम नहीं पता है। ससुरालीजन जान से मार देंगे। कॉल नहीं कर सकता हूं और केवल मैसेज से ही बात कर सकता हूं। मीडिया सेल ने व्यक्ति से लाइव लोकेशन मंगवा ली।
उसकी लोकेशन पता कर लोनार कोतवाल रंधा सिंह को प्रकरण की जानकारी दी । कुछ ही देर में पुलिस बावन पहुंच गई। मीडिया सेल ने ट्रू कॉलर पर मोबाइल नंबर खोजा और संदेश भेजने वाले का नाम और फोटो मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों को बताया।
विज्ञापन
पुलिस खोजबीन में जुटी थी तभी एक मकान से युवक पुलिस के सामने आकर खड़ा हो गया। बोला, कि व्हाट्सएप पर सूचना देने वाला वही है। पूछताछ में अपना नाम पता विनय श्रीवास्तव निवासी रायबरेली रोड कैलाशपुरी असख जनपद अयोध्या बताया।
उसने बताया कि कस्बे में ही उसकी ससुराल है। मीडिया सेल के प्रभारी निरीक्षक राकेश उपाध्याय ने बताया कि अभिलेखीय कार्यवाही के बाद युवक को उसके घर भेज दिया गया है। उसका मेडिकल भी कराया गया है। युवक ने ससुरालीजनों के विरुद्ध तहरीर नहीं दी।