इनमें प्रधानमंत्री या संबंधित पार्टी के राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही मुख्यमंत्री भी शामिल रहते थे। पिछले लगभग डेढ़ दशक में चुनाव लड़ने का तौर तरीका तेजी से बदला तो राजनीतिक दल अपने स्टार प्रचारकों के लिए उड़नखटोले की व्यवस्था करने लगे। दरअसल प्रत्याशियों की भी यही मांग रहती है कि जनसभा में जो भी नेता आए वह हेलीकाप्टर से आए, ताकि लोगों की जिज्ञासा और उत्साह बना रहे।
बड़ी संख्या में उड़नखटोले से पहुंचे थे नेता
पिछले दो लोकसभा चुनाव में तो बड़ी संख्या में उड़नखटोले से प्रचार करने के लिए नेता हरदोई पहुंचे। वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के साथ ही दोनों मुख्यमंत्री भी उड़नखटोले से जनसभा करने हरदोई पहुंचे। कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा अध्यक्ष मायावती ने भी उड़नखटोले से आकर जनसभाएं कीं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक ही दिन दो जनसभाएं की थीं
पिछले चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो बार जिले में आकर जनसभाएं कीं। 19 अप्रैल को उन्होंने मल्लावां में जूनियर हाईस्कूल बाजीगंज में और 21 अप्रैल को सवायजपुर की फूल बगिया में जनसभा की थी। मायावती ने 23 अप्रैल को भीरी घाट कछौना में और अखिलेश यादव ने जीआईसी मैदान में 24 अप्रैल 2019 को उड़नखटोले से आकर जनसभा की थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक ही दिन 24 अप्रैल को दो जनसभाएं की थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अप्रैल 2019 को सीएसएन कॉलेज में जनसभा की थी।
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में यह नेता आए थे उड़नखटोले से
- 10 अप्रैल को मायावती।
- 17 अप्रैल को अखिलेश यादव।
- 17 अप्रैल को कल्याण सिंह।
- 17 अप्रैल को मुलायम सिंह यादव।
- 21 अप्रैल को नरेंद्र मोदी।
- 21 अप्रैल काे अखिलेश यादव।
- 22 अप्रैल को राजनाथ सिंह।
- 24 अप्रैल को राहुल गांधी।
- 28 अप्रैल को कल्याण सिंह।