हमीरपुर में यमुना व बेतवा नदियों के जलस्तर बढ़ने से शहर की निचली बस्तियां डूब गई हैं। बेतवा नदी किनारे बाढ़ से घिरे अमिरता गांव के ग्रामीणों ने लेखपाल पर बाढ़ प्रभावितों की सूची में भेदभाव का आरोप लगाया। आक्रोशित ग्रामीणों ने कुछेछा के निकट कानपुर सागर हाईवे पर जाम लगाकर हंगामा करना शुरु कर दिया है।
बाढ़ पीड़ितों के हंगामा करने की जानकारी मिलते ही डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को हर संभव मदद का भरोसा देते हुए समझाकर जाम खुलवाया। हमीरपुर में दोनों नदियां 107 मीटर के ऊपर बह रहीं हैं। दोनों नदियों का पानी खतरे के निशान से साढ़े तीन मीटर ऊपर है।
दोनों नदियाें में 15 सेंमी प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर घट रहा हैं। शहर की निचली बस्तियों में पानी भरने के बाद करीब 1200 पीड़ितों को राजकीय डिग्री में ठहराया गया है। उधर मंगलवार को सीएम के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करने की खबर से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।