फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉलमार्किंग आज से लागू, एक सितंबर तक खत्म करना होगा पुराना स्टॉक, पढ़ें पूरी खबर

Wed, 16 Jun 2021 10:39 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर समेत देश भर के 256 जिलों में हॉलमार्क लागू किया जा रहा है। अभी 14, 18 और 22 कैरेट के गहनों पर हॉलमार्क लागू था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बुधवार से कानपुर में गहनों में हॉलमार्क लागू कर दिया गया है। हालांकि कुंदन, पोल्की और ज्वैलरी वाली घड़ियों को हॉलमार्क के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा जिन सराफा कारोबारियों के पास पुराने गहने हैं, उन्हें एक सितंबर तक स्टॉक क्लीयर करने की छूट दी गई है।
विज्ञापन


इस दौरान उन पर किसी प्रकार की पेनाल्टी नहीं लगेगी। वहीं कारोबारियों को केवल एक बार ही पंजीकरण कराना होगा। नवीनीकरण का कोई झंझट नहीं होगा। कितने कैरेट के गहनों पर हॉलमार्क लगना है, इस पर जल्द ही सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

कारोबारियों ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक सकारात्मक रही। पहले चरण में कानपुर समेत देश भर के 256 जिलों में हॉलमार्क लागू किया जा रहा है। अभी 14, 18 और 22 कैरेट के गहनों पर हॉलमार्क लागू था।
विज्ञापन


इस व्यवस्था से ग्राहकों शुद्ध और प्रमाणिक ज्वैलरी मिल सकेगी। शहर में केवल चुनिंदा या निजी कंपनियों के शोरूमों में हॉलमार्क ज्वैलरी बिकती है। शहर में करीब 2500 सराफा कारोबारी हैं। इनमें केवल 86 के पास ही लाइसेंस है। शहर में चार हॉलमार्क सेंटर हैं।

हॉलमार्क लागू होने से लोगों को अच्छी क्वालिटी के और प्रमाणिक गहने मिल सकेंगे। सरकार ने स्टाक क्लीयर करने के लिए एक सितंबर तक का समय दिया है। हालांकि हॉलमार्क सेंटरों की कानपुर समेत पूरे प्रदेश में कमी है।- महेश चंद्र जैन, अध्यक्ष, उप्र सराफा एसोसिएशन

हॉलमार्क कानून लागू करना अच्छा कदम है लेकिन छोटे शहरों में अभी भी लोग हॉलमार्क ज्वैलरी के प्रति ज्यादा जागरूक नहीं है। सरकार जल्द से जल्द हॉलमार्क सेंटर खोले।- पंकज अरोड़ा, राष्ट्रीय संयोजक, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्ड स्मिथ

आम ग्राहक अभी भी अपने परिचित के सराफा से गहने खरीदता रहा है। सरकार कुछ निजी कंपनियों के इशारे पर इसे लागू कर रही है। लोग अभी भी अपने विश्वसनीय या परिचित सराफा कारोबारियों से ही आभूषण खरीदेंगे।- रामकिशोर मिश्रा, मंत्री, उप्र सराफा एसोसिएशन
 
विज्ञापन

कारोबारियों के पास 1800 किलो गहने बगैर हॉलमार्क वाले
चौक सराफा, नयागंज, बिरहाना रोड थोक और फुटकर आभूषणों का बड़ा बाजार है। यहां पर पांच बड़े बुलियन कारोबारी हैं। जहां से आभूषण बनाने के लिए कारोबारी सोने की खरीद करते हैं। इन कारोबारियों के पास 2000 किलो सोने के गहनों का स्टॉक होने का अनुमान है। इसमें 1500-1800 किलो के गहने बगैर हॉलमार्क के हैं। 

यह होती है हॉलमार्क ज्वैलरी
हॉलमार्क ज्वैलरी में बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) का लोगो, सराफा का नाम, वजन, कैरेट की मुहर लगी होती है। हॉलमार्क सेंटर पर प्रति पीस 36 से 50 रुपये खर्च आता है। 

यह भी जानें
- 40 लाख के टर्न ओवर पर अनिवार्य नहीं है। ऐसे में छोटे कारोबारी इस नियम से अभी से बाहर हो गए हैं।
- पंजीकरण प्रक्रिया सरल और आसान होगी, कोई पंजीकरण शुल्क नहीं लगाया गया है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें