कानपुर में गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ने से बर्न रोगियों के इलाज में दिक्कत होने लगी है। हैलट का बर्न वार्ड कोरोना काल से बंद पड़ा है। यहां से रोगी उर्सला शिफ्ट कर दिए जा रहे है। यहां बेड की दिक्कत होने से रोगियों को सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। इस वार्ड में कूलर की ही व्यवस्था है। वहीं, कई वार्डों के पंखे इतने ऊपर लगे है कि नीचे लेटे मरीजों तक इन पंखों की हवा तक नहीं पहुंच पाती।
गर्मी अधिक होने से रोगियों को दिक्कत हो रही है। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल निगम का कहना है कि उनके पास आठ बेड का बर्न वार्ड है। इसके अलावा छह बेड और बढ़ा दिए गए हैं। इन बेड के लिए एसी की व्यवस्था है। नए रोगियों के आने पर पुराने रोगी जिनकी स्थिति कुछ सुधरी हुई होती है, उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है।