कथा सुनाते कथा व्यास अनूप ठाकुर। संवाद
- फोटो : HARDOI
बावन। रामपुर धर्मपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवद कथा में गुरुवार को कथा व्यास अनूप ठाकुर महराज ने ध्रुव चरित्र की कथा सुनाई। कहा कि ध्रुव की उनकी भक्ति का ही बल था कि ईश्वर को स्वयं उन्हें दर्शन देने पड़े।
कथा व्यास अनूप ठाकुर महाराज ने कहा कि उत्तानपाद की दो पत्नियां सुरुचि और सुनीति थीं। सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम और सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव था।
एक बार सुरुचि ने ध्रुव को अपमानित कर दिया। अपमान से आहत ध्रुव ने माता सुनीति व देवर्षि नारद के बताए मार्ग पर चल कर ईश्वर की अटल भक्ति की। ध्रुव की अटल भक्ति में इतना बल था कि स्वयं ईश्वर को भी ध्रुव को दर्शन देना पड़ा। इस मौके पर सूर्यप्रताप मिश्रा, श्याम मोहन सिंह, विमल सिंह व राजेश कुशवाहा आदि मौजूद रहे।