छात्रा मोबाइल पर गेम खेल रही थी। तभी उसकी मां मोना ने डांट दिया। इसके बाद वह मोबाइल देकर ऊपर कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बेटी को खाना खाने के लिए मां मोना ने बुलाया तो वह नीचे नहीं आई। इसके बाद मोना ऊपर पहुंचीं तो बेटी का शव फंदे से लटकता मिला।
शुक्लागंज में मां ने बेटी को मोबाइल पर गेम खेलने से मना किया तो उसने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना कोतवाली गंगाघाट के मोहल्ला बिंदानगर की है। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
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बिंदानगर निवासी गोपाल चौरसिया प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके दो बेटियां और एक बेटा है। मझली बेटी शुभि उर्फ दिशा (12) कक्षा नौ की छात्रा थी। गोपाल ने बताया कि वह मोबाइल पर अक्सर गेम खेला करती थी। घर वाले गेम खेलने से मना करते हुए पढ़ाई पर ध्यान देने को कहते थे।
शुक्रवार रात भी वह मोबाइल पर गेम खेल रही थी। तभी उसकी मां मोना ने डांट दिया। इसके बाद वह मोबाइल देकर ऊपर कमरे में चली गई। कुछ देर बाद बेटी को खाना खाने के लिए मां मोना ने बुलाया तो वह नीचे नहीं आई।
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इसके बाद मोना ऊपर पहुंचीं तो बेटी का शव फंदे से लटकता मिला। परिजनों ने बताया कि मामले की जानकारी उन्होंने पुलिस को दी, पर पुलिस नहीं पहुंची तो अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं कोतवाली पुलिस का कहना रहा कि इस तरह की कोई सूचना पुलिस के पास आई ही नहीं।