जिसकी जांच जिला प्रशासन से शासन को भेज दी गई है। अभी मामला वहीं पर रुका हुआ है। इसके अलावा ऐसे मामलों में शहर के कई प्रमुख चेहरे भी शामिल हैं, जो कम स्टांप पेपर लगाने के खेल में शामिल हैं। ऐसे मामलों में एआईजी स्टांप सहित कई अधिकारी भी फंस चुके हैं। जिनके खिलाफ अभी भी जांच चल रही है।
सर्किल रेट बढ़ने की सूचना पर बढ़ी जमीनों की खरीद
सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी को देखते हुए जमीनों को खरीदने का सिलसिला तेज हो गया है। रोजाना करीब 100 से 150 रजिस्ट्रयां कराई जा रही हैं। जिससे पुराने सर्किल रेट के आधार पर ही रजिस्ट्री हो सके। शासन के निर्देश पर सितंबर महीने में सर्किल रेट बढ़ाने की योजना है। जिला प्रशासन की ओर से शहर के उन क्षेत्रों में सर्किल रेट बढ़ाने की योजना है कि जो आउटर के हैं, और जहां पर इस समय अधिक निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें नौबस्ता, बिठूर, पनकी, कल्याणपुर, चकेरी, श्यामनगर, शिवली रोड, जाजमऊ के आगे हाईवे के किनारे, गंगा बैराज के आसपास जैसे स्थान शामिल हैं। सर्किल रेट 2018 के बाद से अभी तक नहीं बढ़ाया गया।
रजिस्ट्रियों के बाद उनका स्थलीय सत्यापन कराया जा रहा है। जिनमें कम स्टांप पेपर कम मिल रहे हैं, उनको नोटिस दी जाएगी, साथ में आरसी जारी कर जुर्माना भी वसूला जाएगा। इसके लिए संबंधित विभाग को भी निर्देश दे दिए गए हैं। - राजेश कुमार एडीएम वित्त एवं राजस्व