प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के चयन में फर्जीवाड़ा करने पर खंड विकास अधिकारी प्रशांत कुमार ने कोतवाली चरखारी में ग्राम पंचायत गौरहारी के पूर्व प्रधान व सचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में ग्राम पंचायत गौरहारी में भानुप्रताप पुत्र राघवेंद्र को वर्ष 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है जबकि रजिस्ट्रेशन संख्या पर भानुप्रताप पुत्र परशुराम का नाम अंकित है। इस प्रकरण में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव अमित खरे व तत्कालीन प्रधान राजू राजपूत की भूमिका संदेहास्पद पाई गई।
लाभार्थी की भूमिका भी संदिग्ध मिली। इसी तरह उप जिलाधिकारी चरखारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 की प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थियों की सूची में क्रमांक 14 पर रामगोपाल पुत्र नत्थू के नाम पर आवंटन किया गया है।
इस प्रकरण में खंड विकास अधिकारी द्वारा कराई गई जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि ग्राम के अन्य व्यक्ति रामगोपाल पुत्र हिन्दूपत के बैंक खाता को नियम विरुद्ध जोड़ा गया है और आवास की धनराशि का दुरुपयोग किया गया। आवासों में गड़बड़ी व सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने के मामले में बीडीओ प्रशांत कुमार ने कार्रवाई के लिए कोतवाली चरखारी में तहरीर दी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पूर्व प्रधान गौरहारी, ग्राम पंचायत सचिव अमित कुमार खरे (वर्तमान में एडीओ पंचायत राठ), पूर्व सचिव अनस मतीन, लाभार्थी भानु प्रताप व रामगोपाल के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी शशि कुमार पांडेय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना कराई जाएगी।