कानपुर में काकादेव के विजय नगर में चल रहे मादक पदार्थों के धंधे का खुलासा हुआ है। सीओ सीसामऊ ने तीन थानों की फोर्स संग छापा मारकर चार तस्करों को मादक पदार्थों की पैकिंग करते गिरफ्तार कर लिया, जबकि सरगना फरार हो गया।
छापे में काकादेव पुलिस को साथ नहीं लिया गया। पुलिस ने 11 लाख 15 हजार 665 रुपये नगद, 27.50 किलो गांजा, तीन किलो चरस, 700 ग्राम स्मैक, छह नशीले इंजेक्शन, 130 टेबलेट डायजापाम, नौ मोबाइल, एक स्कूटी व एक बाइक बरामद की।
बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। गुडवर्क में शामिल पुलिस कर्मियों को डीआईजी ने 25 हजार का इनाम दिया है। डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर बताया कि बजरिया पुलिस ने बुधवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान रामबाग चौराहे से स्कूटी सवार दो संदिग्धों को दबोच लिया।
उनके पास से ढाई किलो चरस बरामद हुई। दोनों ने विजय नगर के अंबेडरनगर निवासी सुशील शर्मा उर्फ बच्चा से चरस खरीदने की बात कबूली। इसके बाद एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर सीओ सीसामऊ त्रिपुरारी पांडेय ने बजरिया, सीसामऊ और चमनगंज थाने की फोर्स संग सुशील उर्फ बच्चा के घर देर रात छापा मारा।
बच्चा के घर में ड्रग्स की पैकिंग करते अर्मापुर निवासी निसार अहमद व फजलगंज निवासी गोलू बाघमार को दबोच लिया। सरगना सुशील शर्मा उर्फ बच्चा फरार हो गया। पूछताछ में पता चला कि बच्चा बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी करता है।
पूरे शहर में मादक पदार्थों की सप्लाई व पैकिंग के लिए कई युवकों को रखा है। उसके खिलाफ काकादेव, सीसामऊ, गोविंदनगर, बाबूपुरवा, नजीराबाद, किदवईनगर, फजलगंज व चिनहट (लखनऊ) में 39 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पकड़े गए तस्करों को जेल भेजने के साथ ही सरगना की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं।