किशोरों की आवाज सुनकर वहां मौजूद स्थानीय गोताखोर अकिल और सकील उनको बचाने के लिए गंगा में छलांग लगा दिए। इस दौरान गोताखोरों ने मोबिद, हम्जा और जैद को सकुशल बाहर निकाल लिया। लेकिन आकिब, अयाज, अर्सलान व रेहान को नहीं बचा सके।
उन्नाव के सभी अधिकारी मौके पर पहुंचे
सात किशोरों के डूबने की खबर सुनकर सिटी मजिस्ट्रेट उन्नाव विजेता, एएसपी शशि शेखर सिंह, नायब तहसीलदार मंजुला सिंह, इंस्पेक्टर गंगाघाट राकेश कुमार गुप्ता व इंस्पेक्टर कैंट अर्चना सिंह फोर्स संग मौके पर पहुंचे। जहां छानबीन में पता चला कि घटना स्थल कैंट थाना क्षेत्र का है। इसके बाद इंस्पेक्टर कैंट ने चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दो के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इंकार
गंगा में डूबने से बच्चों की मौत की खबर सुनकर मौके पर पहुंचे सभी बच्चों के परिजनों में दो के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। हालांकि थाना प्रभारी ने उन्हें प्रक्रिया के साथ शव देने की बात कही।
डूबते ही दो साथी हुए फरार, एक से हुई पूछताछ
चार साथियों के डूबते ही मोबिद और हम्जा मौके से फरार हो गए, जबकि जैद वहीं पर रूका रहा। पुलिस फोर्स जब मौकेपर पहुंची, तो जैद ने उन्हें पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी।