कल्याणपुर के रामप्रकाश (70) के गुर्दे डायरिया के बाद फेल हो गए। पेशाब रुकने की शिकायत पर परिजन हैलट ला रहे थे, रास्ते में हार्टअटैक से मौत हो गई। इसी तरह मंधना के संजीवन (65) की गुर्दे फेल होने से मौत हुई है। उन्हें दो दिन से दस्त आ रहे थे। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा ने बताया कि डायरिया से एक्यूट किडनी इंजरी (एकेई) हो रही है। इलाज से 90 फीसदी रोगी ठीक हो जाते हैं। जिनके गुर्दे में पहले से खराबी होती है, उन्हें दिक्कत होती है। चकेरी में रंजीत की दो साल की बच्ची राधिका और लालबंगला में विमलेश (7) की डायरिया से मौत हुई है।
उनका इलाज क्षेत्र के डॉक्टर के यहां चल रहा था जब हालत बिगड़ी तो परिजन कांशीराम अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन मौत हो गई। फजलगंज के रीतेश (5) की डायरिया से मौत हुई है। परिजनों ने बताया कि दो दिन पहले वे बाहर से लौटे हैं। बच्चे को पहले उल्टियां हुईं, फिर दस्त आने लगे। बालरोग अस्पताल की ओपीडी में डायरिया रोगियों की भरमार रही है। कुछ रोगियों को झटके आने लगे। उनका सीटी स्कैन कराया गया।