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Fraud from Army: जाली निरीक्षण नोट लगाकर सेना मुख्यालय से ठगे पांच करोड़, रेलबाजार पुलिस ने नहीं दर्ज की रिपोर्ट

Fri, 01 Jul 2022 09:56 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सेना मुख्यालय से पांच करोड़ से अधिक की ठगी के मामले में पांच माह बाद भी रेलबाजार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। गुरुवार को सीओडी के लेफ्टिनेंट कर्नल ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के रेल बाजार में जाली निरीक्षण के जरिये सेना मुख्यालय से पांच करोड़ से अधिक की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। थाने में सुनवाई न होने पर सीओडी के लेफ्टिनेंट कर्नल ने कोर्ट में प्रर्थनापत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। सेना मुख्यालय नई दिल्ली ने 19 जून 2020 को माल रोड शिवाय टॉवर स्थित कंपनी एनसीएफडी को 50 हजार रेन कोट बनाने का आर्डर दिया था। 

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कंपनी को रेन कोट बनाकर इसकी आपूर्ति केंद्रीय आयुध भंडार (सीओडी) कानपुर को करनी थी। आरोप है कि कंपनी ने रेन कोट आपूर्ति संबंधी रिसिप्ट वाउचर्स पर सीओडी के उपभंडार कमांडर के जाली हस्ताक्षर बना लिए। जाली इंस्पेक्शन नोट पर भी उनके हस्ताक्षर बनाए गए। छह इंस्पेक्शन नोट के आधार पर कंपनी संचालक मयंक और मुदित श्रीवास्तव ने प्रिंसिपल कंट्रोल डिफेंस एकाउंट दिल्ली से 5 करोड 28 लाख 43 हजार 95 रुपये का भुगतान भी ले लिया। 

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रेल बाजार पुलिस ने नहीं दर्ज किया मुकदमा
सेना मुख्यालय को इसकी जानकारी प्राप्त हुई तो सीओडी कानपुर को मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। इस पर रेलबाजार पुलिस को 21 जनवरी 2022 को मुकदमा दर्ज करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था, जिसके बाद गुरुवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज करने की अपील की गई है।
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