घायल और तीमारदार के चले जाने के बाद सीसीटीवी फुटेज निकलवाए गए। इसमें आवाज तो नहीं सुनाई दे रही। लेकिन बहस के दौरान टोपी पहने तीमारदार पहले लात मारते हुए दिख रहा है। इसके बाद बवाल शुरू हो गया और सब भागकर बाहर की तरफ गए। फुटेज में रिटायर्ड फौजी गार्ड बीच-बचाव करते भी दिख रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में गालियां सुनाई पड़ रही हैं।
सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि घटना की सूचना पर वह भी मौके पर पहुंचे, उस वक्त पांच घायलों की पट्टी हो रही थी। घायल तीमारदार के साथ चला गया। उसका नाम नहीं पता और पर्चा भी नहीं बना था। इस प्रकरण में प्राचार्य डॉ. संजय काला ने सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. यादव की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी है।
माइनर ओटी में चार टेबल हैं, इन पर घायलों को टांके लग रहे थे। टेबल खाली न होने से एक घायल का इलाज बाहर हो रहा था। तभी वह शख्स एक घायल को लेकर आया। जेआर ने पर्चा बनवाने के लिए कहा तो देख लेने की धमकी दी। फिर मारपीट हुई। सच जानने के लिए सीसीटीवी फुटेज निकलवा कर देखा गया। झगड़े के बाद वे चले गए। थाने में तहरीर देने के साथ ही जांच कमेटी की भी गठित कर दी है। अगर जूनियर डॉक्टरों का दोष होगा तो कार्रवाई होगी। जब घटना हुआ तो ईएमओ और दूसरे लोग भी हैं। तीमारदार ने जेआर को लात मारी थी। डॉ. संजय काला, प्राचार्य जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज