गवाह महेश ने कहा कि खुशी दुबे से वह कभी नहीं मिला है और न ही पहचानता है। खुशी को अपनी आईडी व सिम नहीं दिया है और न ही उसने कभी महेश के सिम का प्रयोग किया है। दूसरे गवाह मदारीपुर के संतराम ने कहा की गांव के ही राम सिंह ने आधार कार्ड व राशन कार्ड की छाया प्रति आवास दिलाने के नाम पर ली थी। उसे नहीं पता है कि उससे सिम लिया गया है। पुलिस से जानकारी मिली है कि उसकी आईडी से सिम लेकर इस्तेमाल किया जा रहा था। जिरह में खुशी के बावत कहा कि उसे नहीं जानता है। दरोगा ने खुशी के संबंध कोई बयान भी नहीं लिए हैं। अभियोजन अधिकारी जय सिंह ने गवाहों के बयान दर्ज कराए।
फर्जी सिम मामले की सुनवाई दो जून को होगी
बिकरू कांड के मुख्य मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने बताया कि सोमवार को मामले की सुनवाई नहीं हो सकी। अब कोर्ट ने सुनवाई की तिथि दो जून तय की है। इसी कोर्ट में कुख्यात विकास दुबे की पत्नी रिचा पर दर्ज फर्जी आईडी से सिम लेने की सुनवाई हो रही है। इस मामले में भी कोर्ट ने दो जून की तिथि तय की है। वहीं मुख्य मामले में आरोपी बनाई गई खुशी की सुनवाई एडीजे 13 पॉक्सो एक्ट कोर्ट में चल रही है। वहां दो जून तिथि तय की गई है।