वहीं, कुसुमा और अमन की शादी की रस्मों को पूरा कराया गया। रविवार की सुबह कुसुमा को गेस्ट हाउस से ससुराल विदा किया गया। इसके बाद निर्मल राजपूत ने पिता के शव का औरैया के शेरगढ़ यमुना घाट पर अंतिम संस्कार किया।उन्होंने कहा ये दिन जिंदगी भर कभी नहीं भूल पाऊंगा।